◆ खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा रमकंडा प्रखंड के खाद्य प्रतिष्ठानों में चलाया गया सघन जाँच अभियान
◆ विभिन्न प्रतिष्ठानों से प्रतिबंधित रंग वाली 22 किलो मिठाईयों को कराया नष्ट
◆ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने एवं खाद्य सुरक्षा लाइसेंस के साथ व्यवसाय संचालित करने का दिया निदेश
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी गढ़वा- 4 के रोहित कुमार के नेतृत्व में मंगलवार को रमकंडा प्रखंड मुख्यालय में खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया गया। यह अभियान राज्यव्यापी प्रवर्तन अभियान के तहत FSSAI द्वारा चिन्हित नियमों का पालन नहीं करने वाले, अमानक एवं मिस-लेबलिंग वाले खाद्य उत्पादों की जांच के उद्देश्य से चलाया गया।
अभियान के दौरान रमकंडा प्रखंड मुख्यालय के विभिन्न बाजारों, थोक एवं खुदरा किराना दुकानों तथा खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान FSSAI द्वारा चिन्हित एवं संदिग्ध खाद्य उत्पादों की उपलब्धता, भंडारण और बिक्री की जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान 12 किलो जलेबी और 10 किलो बूंदी लड्डू में गैर-अनुमोदित खाद्य रंग का इस्तेमाल पाया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी के निर्देश पर दोनों मिठाइयों को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा रंका एवं रमकंडा प्रखंड क्षेत्र में कुल 115 संदिग्ध, गुमराह करने वाले एवं अमानक खाद्य पदार्थों की भी जांच की गई।
जांच के दौरान जिन खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालकों के पास खाद्य अनुज्ञप्ति अथवा पंजीकरण नहीं पाया गया, उन्हें जल्द से जल्द आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी रोहित कुमार ने दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पूरी तरह पालन करने की हिदायत दी।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन, प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री या भंडारण अथवा मिस-लेबलिंग पाई जाती है, तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSS Act), 2006 तथा उसके तहत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के प्रावधानों के अनुसार संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।










