- जनसुनवाई में उमड़ी फरियादियों की भीड़, उपायुक्त ने त्वरित समाधान के दिए सख्त निर्देश
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में आज बड़ी संख्या में आमजनों ने भाग लिया। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 90 से अधिक लोगों ने अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए उनके शीघ्र निष्पादन हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन एवं बकाया मजदूरी भुगतान जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से समाधान सुनिश्चित किया जाए।
चिनियाँ प्रखंड के चिनियाँ गांव निवासी अयोध्या प्रसाद ने आवेदन देकर आरोप लगाया कि वर्ष 2015 तक उनकी जमीन की रसीद ऑफलाइन कटती रही, लेकिन उसके बाद राजस्व कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन रसीद करने के लिए रिश्वत की मांग की जा रही है। उन्होंने उपायुक्त से इस संबंध में उचित कार्रवाई की मांग की।
कांडी प्रखंड के घटहुआँ गांव से आए ए. के. पाण्डेय ने शिकायत दर्ज कराई कि कुछ लोग गलत तरीके से राशन कार्ड बनवाकर सरकारी अनाज का उठाव कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में जांच के बाद कुछ नाम हटाए गए थे, लेकिन पुनः फर्जीवाड़ा शुरू हो गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

रमना प्रखंड के मड़वनियाँ गांव निवासी गोपाल पासवान, मोती पासवान एवं गोपीचंद्र पासवान ने शिकायत की कि उनके चचेरे भाइयों द्वारा विवादित जमीन पर ‘अबुआ आवास’ का निर्माण किया जा रहा है, जबकि मामला न्यायालय में लंबित है। उन्होंने न्यायालय के अंतिम आदेश तक निर्माण कार्य पर रोक लगाने की मांग की।
भवनाथपुर प्रखंड से आए विवेक कुमार ने गुलाब ऑफ नर्सिंग कॉलेज पर गलत जानकारी देकर नामांकन कराने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि प्रवेश के समय संस्थान ने इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मान्यता का दावा किया था, जबकि बाद में यह झारखंड नर्सिंग रजिस्ट्रेशन काउंसिल के तहत पाया गया। उन्होंने उपायुक्त से अपने दस्तावेज एवं शुल्क वापस कराने की मांग की।
उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि आमजनों की समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।










