🔸 कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु जिला स्तरीय बैठक संपन्न
🔸 उपायुक्त की अध्यक्षता में हुई विस्तृत समीक्षा, लंबित योजनाओं के शीघ्र निष्पादन के निर्देश
समाहरणालय सभागार में आज दिनांक- 19 मार्च 2026 को उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यक समुदाय के लिए संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर उनके प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना था।

बैठक में उपायुक्त के अतिरिक्त जिला कल्याण पदाधिकारी धीरज प्रकाश, कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, प्रेमलाल सिंह, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, अजय कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थें।
समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त श्री यादव द्वारा प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, साइकिल योजना, बिरसा आवास योजना, धुमकुड़िया भवन निर्माण, वन अधिकार अधिनियम–2006, प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (PMJVK), सरना स्थल घेराबंदी, कब्रिस्तान घेराबंदी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, छात्रावासों का जीर्णोद्धार, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना, SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम, PM-JANMAN योजना समेत कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित अन्य योजनाओं की एक-एक कर विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त श्री यादव ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित योजनाओं की पहचान कर उनके निष्पादन में तेजी लाई जाए तथा निर्माणाधीन योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता, लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं का भौतिक सत्यापन कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लाभुकों तक पहुँचे। छात्रवृत्ति योजनाओं के संदर्भ में उन्होंने भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने एवं समय पर राशि अंतरण सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने, नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग तथा प्रगति प्रतिवेदन समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कल्याणकारी योजनाएँ समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के उत्थान से जुड़ी हैं, इसलिए इनका प्रभावी क्रियान्वयन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।










