इज़राइल ने हाल ही में दावा किया है कि उसने हिज़बुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह को एक विशेष ऑपरेशन के दौरान मार दिया है। यह ऑपरेशन लेबनान में हिज़बुल्लाह के मुख्यालय पर किया गया था। इज़राइल के रक्षा मंत्रालय ने इस ऑपरेशन को ‘न्यू ऑर्डर’ नाम दिया है और इसे एक बड़ी सफलता करार दिया है। हालांकि, हिज़बुल्लाह ने अभी तक इस खबर की पुष्टि नहीं की है और न ही नसरल्लाह की मौत की कोई आधिकारिक घोषणा की है।
इस घटना के बाद लेबनान और इज़राइल के बीच तनाव और बढ़ गया है। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस ऑपरेशन को सही ठहराते हुए कहा कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक था। वहीं, लेबनान सरकार ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले की गहन जांच कर रही हैं और हिज़बुल्लाह के अन्य नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
जनता की प्रतिक्रिया भी इस घटना पर मिली-जुली रही है। हिज़बुल्लाह के समर्थकों ने नसरल्लाह की मौत की खबर को झूठा बताते हुए विरोध प्रदर्शन किए हैं, जबकि कुछ लोग इज़राइल के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर बहस छिड़ी हुई है, जहां लोग अपने-अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है।










