झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। अब राज्य के सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ओपीडी और सभी प्रकार की सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अप्रैल के अंत तक विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल तैयार किया जाएगा और मई से इन सेवाओं को लागू किया जाएगा। इस पहल के तहत सरकारी डॉक्टरों के अलावा निजी डॉक्टरों की सेवाएं भी ली जाएंगी ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके। निजी डॉक्टरों का चयन जिला अनुश्रवण समिति द्वारा किया जाएगा, जबकि मेडिकल कॉलेजों के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई जाएगी जिसमें प्रमुख प्रशासनिक और मेडिकल अधिकारी शामिल होंगे।
सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से 777 नए डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी, जिसमें 116 मेडिकल पदाधिकारी और 661 विशेषज्ञ डॉक्टर होंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत भी 219 डॉक्टरों की भर्ती की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और प्रभावी हों, जिससे हर नागरिक को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधा मिल सके। यह कदम विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने में मदद करेगा, जहां अब तक विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी महसूस की जाती थी।
निजी डॉक्टरों को स्वास्थ्य बीमा योजनाओं के माध्यम से उनकी सेवाओं का भुगतान किया जाएगा। विशेषज्ञ डॉक्टरों को क्षेत्रीय अस्पतालों में हर महीने लगभग 2.05 लाख रुपये, सुपरस्पेशलिस्ट को 2.50 लाख रुपये, मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ को 2.02 लाख रुपये और सुपरस्पेशलिस्ट को 2.42 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा, ओपीडी में मरीज देखने पर हर डॉक्टर को 200 से 300 रुपये प्रति मरीज दिए जाएंगे। इस पहल से सरकारी और निजी डॉक्टरों की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा और मरीजों को त्वरित तथा प्रभावी उपचार मिल सकेगा।










