◆ शहीद नीलाम्बर पीताम्बर उत्तरी कोयल परियोजना (मण्डल डैम) के अवशेष कार्यों की समीक्षा हेतु बैठक का आयोजन
◆ मंडल डैम से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास एवं मुआवजा आदि संबंधित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश
◆ कांडी डिस्ट्रीब्यूटरी परियोजना (वितरणी, नहर) के कार्यों की भी हुई समीक्षा, अवशेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने का निदेश
उपायुक्त गढ़वा दिनेश यादव ने आज समाहरणालय स्थित सभागार में शहीद नीलाम्बर पीताम्बर उत्तरी कोयल परियोजना (मण्डल डैम) के अवशेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने हेतु समीक्षा बैठक का आयोजन किया जिसमें, जिसमें उक्त परियोजना से संबंधित सभी पदाधिकारी उपस्थित थें। गत बैठक में दिए निर्देशों के अनुपालन संबंधी प्रतिवेदन से अवगत होकर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई। साथ ही बैठक के दौरान उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारी एवं कंसलटेंसी एजेंसी मैनटेक द्वारा समर्पित प्रतिवेदनों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। परियोजना अंतर्गत आ रही समस्याओं और सुझावों को सुना। उपायुक्त ने पुनर्स्थापित होने वाले परिवारों के साथ-साथ पहले से निवास कर रहे ग्रामीणों के लिए भी सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, स्वच्छता सहित अन्य मूलभूत एवं विकासपरक योजनाओं को सुनिश्चित करते हुए समग्र विकास करने हेतु निर्देशित किया। उपायुक्त ने यह भी कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि किसी को भी विस्थापन के कारण कठिनाई न हो और सभी को बेहतर जीवन-स्तर उपलब्ध कराया जाए। पुनर्वास स्थल पर समुचित आधारभूत संरचना विकसित करने की दिशा में तेज़ी से कार्य करने हेतु संबंधित पदाधिकारी को निर्देशित किया। उक्त कार्यों में तेजी लाने हेतु उपायुक्त ने आगामी बैठक तक सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा की राशि शत प्रतिशत भुगतान करने का निर्देश दिया। वन अधिकार समिति के स्वीकृति, लैंड डायवर्शन का कार्य एवं कुल 338 बेनिफिसियरीज के खाते में राशि का भुगतान नेक्स्ट मीटिंग के पहले करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया। कुछ बिन्दुओं पर पूर्व बैठक में दिए गए निदेशों के अनुपालन ठीक से नहीं होने के कारण उपायुक्त द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई एवं कार्य में लेट लतीफ होने का कारण पूछा गया। इसके संबंध में परियोजना से संबंधित पदाधिकारियों ने बताया कि मण्डल डैम में पिकेट का कार्य एवं साथ ही डैम के 12 गेट में से 10 गेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे कार्य प्रक्रिया अधीन है एवं भौतिक रूप से लगभग 95% तक कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, शेष कार्य जल्द ही पूर्ण कर लिए जाएंगे। उपरोक्त 10 गेट को लगाने संबंधी टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है। साथ ही बताया गया कि विस्थापित सभी 338 लाभुकों का नियमानुसार राशि भुगतान का कार्य हेतु पे आईडी क्रिएट कर दिए गए हैं, जल संसाधन विभाग, राँची से सूचना प्राप्त है कि विस्थापित परिवारों के लिये प्रावधानित एक एकड़ भूमि के आवंटन के उपरांत ही मुआवजा भुगतान की राशि उपलब्ध कराई जायेगी।

इसके अतिरिक्त कांडी प्रखंड अंतर्गत कार्यान्वित डिस्ट्रीब्यूटरी परियोजना (वितरणी, नहर) अंतर्गत अधिग्रहित किए गए भूमि के विरुद्ध रैयतों को मुआवजा राशि एवं अन्य सभी कार्यों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान कांडी वितरणी योजना के प्रगति कार्य के अद्यतन स्थिति से अवगत कराया गया। विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि काण्डी वितरणी योजना अंतर्गत 28 ग्राम में कुल राशि 50.76 करोड़ का भुगतान पूर्ण कर लिया गया है। योजना अंतर्गत 05 ग्राम में कुल राशि 57 लाख के भुगतान हेतु 02 ग्राम में भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-11 (1) की अधिसूचना प्रकाशन में दी गई है तथा 5.57 किमी की क्लियर रीच में सभी काम और 17 स्ट्रक्चर पूरे हो गयें हैं। उपायुक्त श्री यादव ने अगले बैठक के पूर्व अवशेष कार्यों को शत प्रतिशत पूर्ण कर देने का निर्देश दिया।

उक्त समीक्षात्मक बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, मुख्य अभियंता, जल संसाधन विभाग, पलामू, अनुमण्डल पदाधिकारी, रंका रूद्र प्रताप, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, पुनर्वास पदाधिकारी मेदिनीनगर, पलामू, कार्यपालक अभियंता रूपांकन प्रमण्डल संख्या-2. मेदिनीनगर, पलामू, उतरी कोयल परियोजना मेदिनीनगर पलामू, कार्यपालक अभियंता, आयोजन एवं मॉनिटरिंग प्रमण्डल, जल संसाधन विभाग, मेदिनीनगर पलामू, विशेष भू-अर्जन कार्यालय के कर्मी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी भण्डरिया एवं कांडी समेत अन्य संबंधित उपस्थित थें।










