गढ़वा : डेंगू और चिकनगुनिया जैसे बीमारियों के प्रकोप से बचाव और रोकथाम तथा इसके कारक- संक्रमित मादा एडीस मच्छर के नहीं पनपने तथा इसे नष्ट करने संबंधी विभिन्न गतिविधियों के क्रियान्वयन हेतु समाहरणालय के सभाकक्ष में आज दिनांक 18 सितंबर 2023 को उपायुक्त शेखर जमुआर की अध्यक्षता में एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम का बैठक संपन्न किया गया। उक्त बैठक में मुख्यत: डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसे बीमारियों से बचाव तथा रोकथाम के विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। एपिडेमियोलॉजिस्ट संतोष कुमार मिश्रा द्वारा प्रोजेक्टर के माध्यम से उक्त बीमारियों के रोकथाम व बचाव हेतु क्या करें, क्या ना करें जैसे विभिन्न उपाय बताये गयें। उन्होंने बताया कि डेंगू/चिकनगुनिया संक्रमित मादा एडिस मच्छर के काटने से होता है।
बताया गया कि डेंगू चिकनगुनिया फैलाने वाले एडिस मच्छर साफ पानी में ही पनपते हैं, इसीलिए पानी के बर्तन, पानी की टंकी आदि को ढक कर रखें। घर के आसपास साफ सफाई रखें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। एडिस मच्छर हमेशा दिन के समय ही काटते हैं इसीलिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।

डेंगू और चिकनगुनिया बुखार के उपचार के लिए कोई विशेष दवा नहीं है, यदि डेंगू या चिकनगुनिया के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। मच्छरों से बचाव के लिए घर के खिड़की तथा दरवाजे पर जाली लगवाएं। जबकि इसके बचाव के लिए कुछ गतिविधियां नहीं करने की बात बताई गई। जैसे की घर के आसपास या छत पर प्रयोग में ना आने वाले बर्तन, टायर आदि न रखें एवं घर के कुलर, बाल्टी, फुलदान, फ्रिज या ट्रे में पानी जमा नहीं होने दें। टूटे हुए बर्तन प्रयोग में नहीं आने वाली बोतल, टीन, बेकार के टायरों को जमा न रखें, क्योंकि बारिश के मौसम में इन्हीं में पानी जमा हो जाता है तथा एडिस मच्छर पनपने लगते हैं। बिना मच्छरदानी के नहीं सोए तथा शरीर को पूरी तरह न ढकने वाले कपड़ों का प्रयोग नहीं करें। बुखार होने पर उसे अनदेखा नहीं करें। बगैर जाली लगे खिड़की या दरवाजे शाम एवं सुबह में खुले ना रखें, क्योंकि इस समय मच्छरों का प्रकोप अधिक रहता है।
डेंगू एवं चिकनगुनिया बीमारी के मुख्य लक्षण के रूप में बताया गया कि अचानक तेज बुखार आना, पहचान खोना, तेज सिर दर्द, आंखों के पिछले हिस्से में दर्द, जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द, छाती और हाथों में खसरा जैसे चकते/दाने निकल आना, मसूड़े से खून आना, भोजन में अरुचि एवं भूख न लगना आदि डेंगू एवं चिकनगुनिया के लक्षण हैं। उपायुक्त शेखर जमुआर द्वारा चिकनगुनिया एवं डेंगू से बचाव व रोकथाम के लिए व्यापक प्रचार प्रसार करने का निर्देश दिया गया। इसे जिला, प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर हाट, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों में, विद्यालयों, अस्पतालों आदि के परिसर में होर्डिग आदि लगवाने की बात कही गई। मौके पर उपस्थित कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद गढ़वा को फॉगिंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही मोहल्ले, ग्राम, टोले आदि में चिकनगुनिया एवं डेंगू से बचाव के लिए व्यापक प्रचार प्रसार एवं जागरूकता फैलाने की बात कही। अपने घरों के आसपास साफ सफाई रखने हेतु निर्देशित करने को कहा एवं इसका अनुपालन नहीं करने वाले व्यक्तियों पर पेनल्टी लगाने की भी बात कही गई। स्कूली बच्चों को स्कूल में जागरूकता फैला कर इसके रोकथाम के उपाय बताने हेतु शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया। संक्रमित मादा एडिस मच्छर का एक बाइट ही डेंगू फैलाने के लिए काफी है। यह अक्सर दिन के समय में ही एक्टिव होते हैं। इसलिए सप्ताह में एक दिन सूखा दिवस के रूप में मनाए एवं उपरोक्त बचाव के उपाय अपनाएं। उक्त बैठक में सिविल सर्जन डॉo अवधेश सिंह, डीआरडीए डायरेक्टर दिनेश प्रसाद सुरीन, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद सुशील कुमार, कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल प्रदीप कुमार सिंह, जनसंपर्क पदाधिकारी साकेत कुमार पांडे समेत अन्य पदाधिकारी, कर्मी उपस्थित थें।










