गुमला : गुमला में डायन बिसाही की सबसे अधिक घटनाएं हो रही है। इसको लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने भी संज्ञान लिया है और राज्य सरकार से भी जवाब मांगा है। वहीं डायन बिसाही मामले को लेकर गुमला एसपी ने भी शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में बैठक की और सभी लंबित कांडों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक कांड के अनुसंधानकर्ताओं के साथ की। समीक्षा के दौरान लंबित कांडों को त्वरित गति से अनुसंधान करते हुए लंबित बिंदुओं पर अनुसंधान पूर्ण कर कांडों का निष्पादन करने के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। वहीं कांड के अनुसंधान में लापरवाही बरतने वाले अनुसंधानकर्ता के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी।
संवेदनशील गांव का करें चिन्हित
एसपी ने सभी थाना क्षेत्रों में डायन बिसाही, अंधविश्वास से ग्रसित संवेदनशील गांवों को मैपिंग के माध्यम से चिन्हित कर जोहार कॉप के माध्यम से तीव्र गति से जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। गांवों के मुखिया, चौकीदार एवं गांव के प्रतिनिधि के साथ लगातार बैठक करने का निर्देश दिया गया।
हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार से मांगा है जवाब
बता दें कि बीते गुरुवार को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्रा व जस्टिस आनंद सेन की खंडपीठ ने राज्य में डायन-बिसाही के नाम पर हो रही हत्याओं पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है। अदालत ने सरकार से पूछा है कि इस मामले में पूर्व में हाई कोर्ट ने जितने निर्देश दिए हैं, उनका पालन किया गया है या नहीं। अदालत के किन-किन निर्देशों का पालन किया गया है। अदालत ने सरकार को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। मामले में अगली सुनवाई के लिए 26 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है। अदालत को बताया गया कि गुमला जिले में सर्वाधिक डायन बिसाही को लेकर मारपीट एवं हत्या की घटनाएं होती हैं।










