बिहार की राजधानी पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह कार से एक रिटायर्ड उच्चाधिकारी का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान मूल रूप से मोतिहारी निवासी 67 वर्षीय आलोक कुमार के रूप में हुई है, जो सेन्ट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) में जनरल मैनेजर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और वर्तमान में रांची के कांके रोड स्थित इंदिरा नगर में रह रहे थे। शनिवार सुबह राजीव नगर के फ्रेंड्स कॉलोनी रोड नंबर-4 स्थित जमुना पैलेस के समीप लावारिस हालत में खड़ी कार की ड्राइविंग सीट पर उनका शव पाया गया, जिनकी कनपटी के पीछे गोली लगी हुई थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार आलोक कुमार दो-तीन दिन पहले ही पटना के फ्रेंड्स कॉलोनी में रहने वाली अपनी बहन के घर आए थे। शनिवार की सुबह वे रोजाना की भांति टहलने और घूमने के लिए निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। जब परिजनों और स्थानीय लोगों ने खोजबीन की तो कार के अंदर उनका शव मिला। पुलिस को कार से एक पिस्टल और खाली कारतूस का खोखा भी बरामद हुआ है। मृतक के जीजा विनोद कुमार ने हत्या की आशंका जताते हुए दावा किया है कि कार से मिली पिस्टल आलोक कुमार की नहीं है और पटना में उनका किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्होंने अंदेशा जताया कि यदि कोई रंजिश होगी, तो वह झारखंड से जुड़ी हो सकती है।

घटना की सूचना मिलते ही राजीव नगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके को सील कर दिया और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया, जिसने कार, पिस्टल और आसपास के क्षेत्र से फिंगरप्रिंट्स व अन्य अहम नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस फिलहाल मामले में हत्या और आत्महत्या दोनों बिंदुओं को ध्यान में रखकर हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है। परिजनों के अनुसार मृतक का एक बेटा है जो वर्तमान में मलेशिया में कार्यरत है।











