धनबाद : कहते हैं जल ही जीवन है, लेकिन इसी जल के लिए कोयलांचल धनबाद का एक कस्बा पिछले एक महीने से जूझ रहा है। बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे लोग अब आंदोलन का रूप इख्तियार कर लिया है। बीसीसीएल के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है, साथ ही ट्रांसपोर्टिंग ठप कर अपने अधिकार की मांग कर रहे हैं।
ट्रैको का ट्रांसपोर्टिंग ठप कर जताया विरोध
कोयला के राजधानी कहे जाने वाला धनबाद में कभी पानी इतनी हो गई की वर्षा पहले बीसीसीएल के कोयला खदानों में मजदूरों ने जल समाधि तक ले ली है, लेकिन आज वही बीसीसीएल विस्थापितों को पिछले एक महीने से पानी के एक-एक बूंद के लिए तरसा रहा है। बीसीसीएल के एरिया दस अंतर्गत गोकुल पार्क के नीचे बसे दो हजार आबादी वाला यह कस्बा के साथ बीसीसीएल प्रबंधन अब उपेक्षा की नजरो से देख रही रही।
पानी की बूंद बूंद के लिए तरस रहे लोगों ने आज 6 नंबर लोडिंग पॉइंट से लोड होकर जा रहे ट्रैको का ट्रांसपोर्टिंग ठप कर अपना विरोध जताया है। पानी की मांग करते हुए बीसीसीएल प्रबंधन और मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बता दें कि इस भीषण गर्मी में कुआं सूख गई है, चापा नल अलग मुंह चिढ़ा रहा है, ऐसे में महिलाओं के लिए दिनचर्या का कार्य करना बेहद ही मुश्किल हो गया।
गोकुल पार्क के नीचे मूलभूत सुविधाओं के साथ बसाने का किया गया था वादा
साउथ तीसरा से उठाकर रिसेशन इन लोगों को गोकुल पार्क के नीचे मूलभूत सुविधाओं के साथ बसाने का वादा किया था लेकिन यह वादा सिर्फ वादा ही रह गया। इस इलाके में लगभग तीन सौ परिवार को बसाया गया था इस तीन सौ परिवार के लिए प्रबंधन की ओर से मात्र एक चांपा नल और एक वाटर स्टोरेज दिया गया है लेकिन तीनों व्यवस्थाएं धरा शाह हो गई है। बता दे की घंटों ट्रांसपोर्टिंग ठप होने के वजह से गाड़ियों की लंबी कतार लग गई, जिसके बाद एरिया 10 के एंटी एसटी परियोजना के एजेंट पहुंचा जिसके उनके आश्वासन के बाद प्रदर्शन को खत्म कर दिया गया।
कब तक मिलेगा पानी ?
बहरहाल इस भीषण गर्मी में पानी सबकी जरूरी है लेकिन सवाल यह है कि मूलभूत सुविधाओं देने के वादा करके लोगों को एक जगह से दूसरे जगह पर विस्थापित करने वाला बीसीसीएल आम जनता को छलने का काम क्यों करती है। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि ग्रामीणों का विरोध बीसीसीएल पर कितना असरदार साबित होता है।









