रांची : हैलो… मैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सचिव विनय कुमार चौबे का पीए बोल रहा हूं…। खुद को सीएम के सचिव का पीए बता कर राज्य के कई वरिष्ठ आईएएस, आईपीएस समेत कई विभागों के पदाधिकारियों को फोन कर धमकी देता था। लेकिन अब रांची पुलिस ने उस फर्जी पीए को पुलिस ने गिरफ्तार कर मामले का भंडाफोड़ किया है। आरोपी का नाम रवि वर्मा है। वह इंटर पास है।
रांची पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि आरोपी रवि वर्मा सचिव विनय कुमार चौबे का पीए बताकर राज्य के कई विभागों के पदाधिकारियों को फोन कर धमकी देता था। फर्जी पीए की धौंस दिखाकर वह अपना निजी काम करवाता था। वह कभी किसी की नौकरी लगाने को लेकर, तो कभी किसी का एडमिशन करवाने को लेकर फोन करता था।
ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर लाखों की ठगी
फोन से दबाव बनाने वाला युवक रवि वर्मा ने पिछले कुछ दिनों के अंदर कई लोगों से काम करवाने का झूठा दिलासा देकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। किसी से सचिवालय में नौकरी लगाने के नाम पर 4 लाख तो किसी से मनचाही जगह पर ट्रांसफर पोस्टिंग के नाम पर लाखों रुपये लिये।
जल्द से जल्द रुपया कमाने की चाहत
लालपुर थाना की पुलिस ने ठगी करने के आरोप में रवि वर्मा को गिरफ्तार कर लिया है। रवि वर्मा ने इंटर तक की पढ़ाई की है। वह काम की तलाश मंें लोहरदगा से रांची आया था। रांची आने के बाद वह जल्द से जल्द रुपया कमाने की लालच में खुद को फर्जी अधिकारी बताकर जालसाजी करने लगा।
पुलिस को कैसे हुआ शक?
दरअसल, मामले का खुलासा तब हुआ जब लालपुर थाना के प्रभारी ममता कुमार को आरोपी युवक रवि वर्मा ने खुद को सीएम के सचिव का पीए बताकर इसी केस को मैनेज करने का दबाव बना रहा था। वह लगातार महिला थाना प्रभारी को धौंस देते हुए कह रहा था कि अगर वह उसका काम नहीं करेगी तो उन्हें शोकॉज करेगा। युवक द्वारा बार-बार दी जा रही धमकी और उसके बात करने के लहजे से महिला थाना प्रभारी को उस पर शक हुआ।
टैगोर हिल रोड से पुलिस ने दबोचा
इसके बाद महिला थाना प्रभारी ममता कुमारी ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर फर्जीवाड़ा करने वाले युवक रवि वर्मा को ट्रेस कर रांची के टैगोर हिल रोड स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से पूछताछ की गई तो उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपी रवि वर्मा ने कहा कि खुद को फर्जी अधिकारी बताकर कई लोगों से काम करवाने के बहाने लाखों रुपयों की ठगी है। कई अधिकारियों को धमकी भी दी है।










