रामगढ़ के सिकनी गांव में मंगलवार को शमशाद की पीट-पीटकर हत्या के मामले में रामगढ़ पुलिस कप्तान पीयूष पांडे ने घटना की गंभीरता से देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामगढ़ के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया । अनुसंधान टीम ने बुधवार को पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया । वहीं इस घटना में सात लोगों को चिह्नित किया गया है। शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इलाज के दौरान शमशाद अंसारी की मौत
जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है उनमें पूरन महतो, भुनेश्वर महतो, हीरालाल महतो, बालेश्वर महतो व अरविंद महतो शामिल हैं। सभी सिकनी के फुसरी बांध, रजरप्पा के निवासी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एसपी पीयूष पांडेय ने बताया कि यह घटना मॉब लिचिंग की नहीं है। एसपी ने कहा कि शमशाद ठगी कर भाग रहा था। इस दौरान उसे कोई पहचान न ले, इसलिए बीच रास्ते में ही उसने अपने सारे कपड़े उतार फेंक दिए और गमछा पहन कर भाग रहा था। लेकिन कुछ लोगों ने उसे पहचान लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। बाद में इलाज के दौरान शमशाद अंसारी की मौत हो गई।
एसपी ने बताया कि शमशाद आपराधिक प्रवृत्ति का था। वह पतरातू, गोला और हजारीबाग में आपराधिक मामले में जेल भी जा चुका है। इसपर रामगढ़-हजारीबाग कई मामले दर्ज हैं। वही इस मामले का पुलिस द्वारा खुलासा और घटना में शामिल लोगों की गिरफ्तारी से जमीरा गांव के लोगों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस छापेमारी दल में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी किशोर कुमार रजक, रजरप्पा थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक हरिनंदन सिंह समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे ।










