धनबाद : झरिया में 15 अगस्त पर अमड़ापाड़ा में निकली तिरंगा यात्रा के दौरान बाइक सवार युवकों ने मस्जिद के पास आपत्तिजनक नारेबाजी की। बाद में इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया। जिससे कुछ देर में पथराव भी शुरू हो गया। पुलिस पहुंची तो पुलिस पर भी पथराव किया गया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो आसपास के घरों से पत्थर फेंके जाने लगे। पुलिस ने किसी प्रकार स्थिति पर नियंत्रण पाया। इस मामले में एक पक्ष के नौ व दूसरे समुदाय के दो लोगों को पकड़ा गया है।
महिलाएं भी छतों से कर रही थी पथराव
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि थाने के बाहर नारे लगा रहे लोगों को पुलिस ने खदेड़ा, तो एक समुदाय के लोग भाग खड़े हुए, मगर दूसरे पक्ष के लोगों ने थाना मोड़ के पास पुलिस से मोर्चा ले लिया और उन पर पत्थर बरसाने लगे। पुलिस जीप पर भी पथराव किया। गौतम कुमार व कुणाल साव नामक युवक पत्थर लगने से जख्मी हो गए। कई महिलाएं भी इस दौरान छतों से पथराव करते देखी गईं। तब शांति समिति की बैठक छोड़ डीएसपी अभिषेक कुमार दलबल के साथ दौड़कर घटनास्थल पर पहुंचे। उपद्रवियों को लाठियां चलाकर खदेड़ा। तीन वज्र वाहन मंगाकर पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला और चौक-चौराहों पर पुलिस तैनात की गई।
पुलिस ने रातभर झरिया में छापेमारी की
पुलिस ने थाना मोड़ पर पथराव करने वाले सैफ व इमरान को दबोचा है। वहीं मस्जिद के इमाम की शिकायत पर पुलिस ने रातभर झरिया में छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने नौ युवकों को हिरासत में लिया। इनमें वीडियो बनाने वाले सिंह नगर के युवक आलोक व उसे इंटरनेट मीडिया में पोस्ट करने वाले मानबाद के राहुल भार्गव शामिल हैं। एसपी व अन्य पुलिस अधिकारियों ने इनसे पूछताछ की। शांति समिति की बैठक में कुछ लोगों ने वीडियो बनाने वालों को माफ करने की वकालत की, तो दूसरे समुदाय के लोगों ने उन पर कार्रवाई की आवाज उठाई।










