जमशेदपुर : ‘छोड़ेंगे न हम साथ मरते दम तक…’ ये गाने आप लोग अक्सर सुनते होंगे। लेकिन कभी कल्पना नहीं किए होंगे कि ऐसा भी हो सकता है। यहां के रहने वाले एक प्रेमी युगल ने खुशी-खुशी फांसी के फंदे पर लटक कर जान दे दी। उसने इसलिए जान दे दी क्योंकि समाज को उसके प्रेम कहानी पसंद नहीं आया। इसलिए प्रेमी युगल ने सोचा होगा कि जीते जी एक न हुए तो क्या हुआ एक साथ मर तो सकते हैं। मामला बोड़ाम थाना अंतर्गत बोटा गांव का है। जहां एक महुआ के पेड़ पर झूलते हुए प्रेमी युगल का शव मिला।
पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई
जब इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। इस घटना की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बुधवार की सुबह शव को बरामद किया। ये घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है।

बुधवार की सुबह करीब 8ः00 बजे बोड़ाम थाना के अवर निरीक्षक दिलीप माझी व अन्य पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की उपस्थिति में शवों को पेड़ से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम मेडिकल कॉलेज भेज दिया। इससे पूर्व सुबह- सुबह इसकी जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर काफी संख्या में लोग जुट गए और दोनों की पहचान करने लगे।
कई वर्षों से चल रहा था प्रेम संबंध
कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में पोस्ट कर दिया है। ग्रामीणों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शवों की पहचान बोंटा पंचायत के ही कुटिमाकुली निवासी निंदा सिंह (23 वर्ष) एवं कुनी बिरुआ (18 वर्ष) के रूप में की है। बताते हैं कि दोनों प्रेमी- प्रेमिका थे। दोनों के बीच पिछले कई वर्षों से प्रेम संबंध चल रहा था और दोनों शादी करना चाहते थे।
शायद उनके परिजन शादी के लिए राजी नहीं थे। इसलिए उनलोगों ने सोचा होगा कि जीते जी एक न हुए तो क्या हुआ एक साथ मर तो सकते हैं। दोनों बालिग एवं आदिवासी समाज के ही थे लेकिन जाति अलग थी। लड़की हो समुदाय की थी, जबकि लड़का भूमिज समुदाय से है।









