रांची : बड़कागांव से कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने राजभवन से विधेयक वापसी पर सवाल उठया है। पूछा क्यों वापस विधेयक लौटा रहे हैं? यह सोचने वाला विषय है। ऐसा पूर्व में कभी नहीं होता था। राज्यपाल का पद न्यूट्रल होता है। राजनीतिक रूप से प्रेरित नहीं होता है।
अंबा प्रसाद ने कहा कि ओबीसी आरक्षण, 1932 जैसे मुद्दे को वापस कर दिया जा रहा है, जो राज्य का बर्निंग इश्यू है। अम्बा ने ओबीसी आरक्षण पर कहा कि हमारी सरकार ने 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण का विधेयक राज्यपाल को भेजा था, लेकिन उसे वापस कर दिया। अब फिर से इसे राज्यपाल को भेजा जाएगा, ओबीसी के साथ हक़मारी हो रही है।
कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद ने कहा कि जब से झारखंड अलग हुआ है तब से ओबीसी पर ग्रहण लगा हुआ है। ओबीसी के साथ अन्याय हो रहा है। बाबूलाल मरांडी की सरकार में ही सात जिलों में जीरो प्रतिशत आरक्षण कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि हमने इस मामले पर सीएम हेमंत सोरेन से भी बातचीत की और उनको हमने बताया कि किस आधार पर सात जिलों में ओबीसी आरक्षण को जीरो प्रतिशत कर दिया गया। इसको डिफाइन करना होगा। हमारी सरकार ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए प्रतिबद्ध है। विधेयक वापस होने के बाद भी हमलोग हार नहीं माने हैं। फिर से सरकार विधेयक को सदन में पेश कर रही है। राज्य में ओबीसी की बड़ी आबादी है ऐसे में इनको हक मिलना ही चाहिए। ये लोग बेवकूफ नहीं हैं। ओबीसी वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है।









