
रांची: झारखंड में पिछले दो दिनों से मानसून कमजोर पड़ गया है. लेकिन 13 अगस्त से मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना जताई गई है. रांची मौसम के मुताबिक, झारखंड के उत्तर पूर्वी देवघर धनबाद, गिरिडीह, दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, साहिबगंज और पाकुड़ के कुछ स्थानों पर 15 अगस्त तक गर्जन के साथ हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश हो सकती है.

मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
मॉनसून कमजोर हो रहा है। आसमान में बादल छाए हैं, लेकिन वर्षा नहीं हो रही है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम का यही हाल है। इस बीच मौसम विभाग ने संथाल, कोल्हान और पलामू के अलग-अलग इलाकों में भारी वर्षा की संभावना जाहिर की है। विभाग के इसके लिए येलो अलर्ट जारी कर रखा है। राज्य के दूसरे हिस्सों में भी गरज के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मानसून ने देर से दी थी दस्तक
झारखंड में मानसून ने एक सप्ताह की देरी से 18 जून को दस्तक दी थी. संताल परगना में अच्छी बारिश हुई लेकिन इसके बाद मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई. पूरे जुलाई महीने में छिटपुट ही बारिश हुई. पिछले साल भी मानसून की बेरुखी से झारखंड में सूखा पड़ा था. हालांकि आठ अगस्त तक हुई पर्याप्त बारिश। झारखंड में 30 जुलाई से मॉनसून दोबारा सक्रिय हुआ है। आठ अगस्त तक राज्य के लगभग सभी हिस्सों में अच्छी वर्षा भी हुई। करीब 70 प्रतिशत हिस्सों में धनरोपनी हो चुकी है।
इससे पहले जून-जुलाई महीने में मानसून के कमजोर पड़ने से वर्षा नहीं हुई थी और खेतों में दरारें पड़ चुकी थी। पूरे राज्य में 8 अगस्त तक पर्याप्त वर्षा हुई। इसके बाद राज्यभर में किसानी को राहत मिली है। जुलाई और अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में हुई झमाझम वर्षा से रोपनी आसान हो गई
अब भी सामान्य से 37 मिमी कम हुई वर्षा
पिछले 24 घंटे के मौसम की बात करें तो सबसे अधिक वर्षा दुमका के खुसियारी में रिकार्ड की गई। जबकि सबसे अधिक अधिकतम तापमान 36.1 डिग्री सेल्सियस देवघर का और सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.8 डिग्री रांची का रिकॉर्ड किया गया। वर्षा की बात करें तो अब तक पूरे राज्य में सामान्य से 37 मिमी वर्षा कम हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त आंकड़ों की माने तो 1 जून से अब तक सामान्य वर्षापात 627.6 मिमी वर्षा होती है लेकिन इससे कम 395 मिमी वर्षा ही हुई है।









