- उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षात्मक बैठक संपन्न
- सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन सख्त, उपायुक्त ने दिए व्यापक सुरक्षा उपायों के निर्देश
- विद्यालयों से लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों तक चलेगा जागरूकता अभियान, सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने पर जोर
- उपायुक्त ने किया आमजनों से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन करने की अपील
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गढ़वा। गढ़वा जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने की। बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI),झारखंड राज्य राजमार्ग प्राधिकरण(SHAJ), नगर निकायों के प्रतिनिधियों सहित जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की।
*सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते आंकड़ों पर उपायुक्त ने जताई चिंता*
बैठक की शुरुआत जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश द्वारा सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की समीक्षा से शुरू की गई। दुर्घटनाओं और मृतकों की बढ़ती संख्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने इसे गंभीर सामाजिक चुनौती बताते हुए सभी विभागों को समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*विद्यालयों एवं युवाओं को बनाया जाएगा सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान का केंद्र*
उपायुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी केवल बेहतर सड़कों के निर्माण से संभव नहीं है, बल्कि आम नागरिकों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासन विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने पर विशेष बल देते हुए स्कूलों, महाविद्यालयों, आईटीआई एवं अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों एवं युवाओं में प्रारंभिक स्तर से सुरक्षित यातायात व्यवहार की आदत विकसित करना सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में दीर्घकालिक और प्रभावी समाधान सिद्ध होगा।
*यातायात नियमों के सख्त अनुपालन एवं सड़क सुरक्षा उपायों पर जोर*
बैठक के दौरान यातायात नियमों के सख्त अनुपालन पर भी विशेष चर्चा हुई। उपायुक्त ने सड़क किनारे आवश्यक चेतावनी एवं दिशा संकेतक लगाने, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग को सुनिश्चित करने तथा नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां ग्रामीण सड़कें राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से जुड़ती हैं तथा विद्यालयों के आसपास दुर्घटना की आशंका अधिक रहती है, वहां स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रिप, रेडियम रिफ्लेक्टर एवं अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल किए जाएं।
*सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की हुई समीक्षा*
सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी कार्यपालक अभियंताओं एवं निर्माण एजेंसियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल गढ़वा के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि शंखा-खजूरी सड़क निर्माण कार्य SHAJ, रांची के अंतर्गत शिवालय कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया जा रहा है। जल जमाव की समस्या के समाधान के लिए नालियों को मुख्य जल निकासी प्रणाली से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। वहीं खजुरी बाईपास सहित अन्य प्रमुख जंक्शनों पर कन्वैक्स मिरर, ट्रैफिक लाइट एवं अन्य सड़क सुरक्षा उपकरण लगाने की प्रक्रिया NHAI एवं SHAJ द्वारा संचालित है।

उन्होंने जानकारी दी कि गढ़वा-चिनियां मोड़ से समाहरणालय तक बिटुमिनस सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा वर्तमान में साइन बोर्ड एवं रोड मार्किंग का कार्य प्रगति पर है। कुछ स्थानों पर भूमि अधिग्रहण के कारण नाली निर्माण बाधित है, जिसके समाधान हेतु आवश्यक मुआवजा राशि जिला भू-अर्जन कार्यालय को उपलब्ध करा दी गई है। इसके अतिरिक्त सहिजना मोड़ (जीपी प्लाजा के समीप) से दानरों नदी तक वर्षा जल निकासी की विशेष योजना पर कार्य किया जा रहा है, जिससे शहरी क्षेत्र में जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
उपायुक्त ने NHAI, SHAJ तथा सड़क निर्माण विभाग को निर्देश दिया कि अगली बैठक से पूर्व सभी लंबित कार्यों को पूर्ण किया जाए।
*दुर्घटना संभावित स्थलों की निगरानी एवं हेल्पलाइन प्रचार-प्रसार के निर्देश*
बैठक में पुलिस विभाग को सड़क दुर्घटना संभावित स्थलों का नियमित निरीक्षण कर दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया। सीसीआर प्रभारी एवं सभी थाना प्रभारियों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 एवं आपातकालीन सेवा 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।
*ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट एवं नाबालिग चालकों पर कार्रवाई जारी*
ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाने तथा नाबालिग चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई जारी रखने पर भी बल दिया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि मई 2026 के दौरान विशेष जांच अभियान चलाकर 426 वाहन चालकों से कुल 12,75,500 रुपये जुर्माना वसूला गया है।
*सड़क सुरक्षा प्रवर्तन के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने का निर्देश*
सड़क सुरक्षा प्रवर्तन को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री पशुपति नाथ मिश्रा ने जिला परिवहन पदाधिकारी को ब्रीथ एनालाइजर (Breath Analyzer), स्पीड गन (Speed Gun), फोल्डिंग बेड (Folding Bed) एवं पीओएस मशीन (POS Machine) सहित आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभाग से पत्राचार कर शीघ्र मांग भेजने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि इन उपकरणों की उपलब्धता से नशे में वाहन चलाने वालों की पहचान, ओवरस्पीडिंग पर प्रभावी नियंत्रण, दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित सहायता तथा प्रवर्तन कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
*हिट एंड रन मामलों की समीक्षा, आठ मामलों को मिली स्वीकृति*
बैठक में हिट एंड रन से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा की गई, जिसमें सर्वसम्मति से आठ मामलों के निष्पादन एवं स्वीकृति का निर्णय लिया गया।
*शहरी समस्याओं के समाधान को लेकर नगर परिषद को दिए गए निर्देश*
शहरी क्षेत्र की समस्याओं पर चर्चा करते हुए नगर परिषद को सड़कों की ऊंचाई के कारण उत्पन्न जलजमाव, अधूरी नालियां, अतिक्रमण, सड़क जाम, बिजली एवं टेलीफोन के अनावश्यक खंभों तथा शहर की साफ-सफाई से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
*दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने पर जोर*
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी को निर्देश दिया कि जिले के सभी पुलिस थानों, विशेषकर पीसीआर एवं सड़क किनारे स्थित थानों में फर्स्ट एड किट एवं आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। इसके लिए पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त एंबुलेंस सुविधा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
*स्कूल वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा*
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा ने जानकारी दी कि जिले के सभी निजी विद्यालयों को विद्यालय वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने, प्रत्येक वाहन के साथ एक सहायक कर्मी की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका अधिकांश विद्यालयों द्वारा अनुपालन किया जा रहा है।
*सड़क सुरक्षा को जनआंदोलन बनाने पर जोर*
उपायुक्त ने सड़क सुरक्षा प्रबंधक को निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं आईटीआई संस्थानों में नियमित जागरूकता अभियान संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयास, मजबूत आधारभूत संरचना, प्रभावी प्रवर्तन एवं व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
*आमजनों से यातायात नियमों के पालन की अपील*
बैठक के अंत में उपायुक्त ने जिलेवासियों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा सड़क सुरक्षा को अपनी व्यक्तिगत एवं सामाजिक जिम्मेदारी समझें। उन्होंने कहा कि गढ़वा जिला प्रशासन सुरक्षित, व्यवस्थित एवं सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
*बैठक में ये रहे उपस्थित*
बैठक में उपरोक्त के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता, नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के पदाधिकारी, सांसद एवं विधायक प्रतिनिधिगण, NHAI एवं SHAJ के प्रतिनिधि तथा सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य उपस्थित थे।










