- जनसुनवाई में उपायुक्त ने सुनी आमजनों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश
- आवास योजना में ठगी, भूमि विवाद, बिजली एवं मनरेगा मामलों पर कार्रवाई का आश्वासन
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने मंगलवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए आमजनों की समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, बकाया मजदूरी भुगतान समेत अन्य मामलों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं।

उपायुक्त ने सभी फरियादियों की समस्याओं को क्रमवार सुना तथा उनके त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ शिकायतों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जनसुनवाई के दौरान कांडी प्रखंड के भीलमा गांव से पहुंची सबिता सिंह ने आवास प्लस योजना में नाम जोड़ने के नाम पर ठगी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि एक स्वयंसेवक ने उनके घर पहुंचकर फोटो लेने के बाद योजना में नाम दर्ज कराने का आश्वासन दिया और दो हजार रुपये की मांग की। इस क्रम में उन्होंने एक हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से भुगतान भी किया, लेकिन इसके बावजूद उनका नाम सूची में शामिल नहीं हुआ। उन्होंने मामले की जांच कर दोषी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।

वहीं गढ़वा प्रखंड के सोह गांव निवासी उदय प्रसाद ने मनरेगा अंतर्गत स्वीकृत कूप निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत की। उन्होंने बताया कि कूप निर्माण की स्वीकृति मिलने के बावजूद अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, जबकि प्रथम किस्त की राशि की निकासी की जा चुकी है। उन्होंने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया।
डंडई प्रखंड के रारो गांव की फूलमनी कुंवर ने अपनी खतियानी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि गांव के ही कुछ लोग धनबल और पारिवारिक प्रभाव का उपयोग कर उनकी जमीन पर जबरन मकान निर्माण कर रहे हैं तथा विरोध करने पर विवाद और अभद्र व्यवहार करते हैं। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।
इसी क्रम में गढ़वा प्रखंड के दूबे मरहटिया गांव निवासी अखिलेश्वर मिश्रा ने बिजली विभाग की लापरवाही का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020 में विद्युत कनेक्शन लेने के बावजूद आज तक उनके घर तक बिजली के पोल और तार की समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। वर्तमान में बांस के सहारे खींचे गए तार से बिजली आपूर्ति हो रही है, जिससे आंधी-तूफान के दौरान दुर्घटना और जान-माल के नुकसान का खतरा बना रहता है। कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर उन्होंने उपायुक्त से हस्तक्षेप की मांग की।
इसके अतिरिक्त जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए अन्य लोगों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। सभी मामलों पर उपायुक्त श्री मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए आमजनों की शिकायतों का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान करने पर बल दिया।










