- आर० के० पब्लिक स्कूल हूर में औचक निरीक्षण, विद्यालय बसों में गंभीर अनियमितताएँ उजागर
- 15 सीटर बस में 32 तथा 22 सीटर बस में 41 बच्चे मिले सवार, एक चालक द्वारा मादक पदार्थ का सेवन करते पाए जाने पर जताई गई गंभीर चिंता
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गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा एवं मोटर यान निरीक्षक मनीष कुमार गुप्ता द्वारा दिनांक 10 सितंबर 2026 को आर० के० पब्लिक स्कूल, हूर का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में छुट्टी हो चुकी थी तथा बच्चे विद्यालय परिसर से बाहर निकलते हुए पाए गए। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक कुल 231 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। विद्यालय में कुल 18 शिक्षक एवं 05 शिक्षकेत्तर कर्मी कार्यरत हैं तथा निरीक्षण के समय सभी उपस्थित पाए गए।
*विद्यालय की मान्यता एवं यू-डाईस कोड पर स्थिति स्पष्ट नहीं*
निरीक्षण के दौरान विद्यालय की मान्यता के संबंध में पूछे जाने पर प्रधानाध्यापिका द्वारा बताया गया कि विद्यालय की मान्यता एवं यू-डाईस कोड प्राप्त करने हेतु आवेदन समर्पित किया गया है, जो वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। साथ ही बताया गया कि फिलहाल विद्यालय का संचालन आर० के० पब्लिक स्कूल, सोनपुरवा के यू-डाईस कोड के माध्यम से किया जा रहा है। विद्यालय संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख निरीक्षण के समय प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
*विद्यालय बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने का मामला उजागर*
निरीक्षण के दौरान विद्यालय में बच्चों के परिवहन के लिए उपलब्ध दो बसों की जांच की गई। जांच में दोनों वाहनों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गईं।

*पहला वाहन संख्या JH14A-3220* 15 सीटर पाया गया, जबकि उसमें *32 बच्चे* सवार थे। वाहन का प्रदूषण प्रमाण-पत्र, बीमा, फिटनेस एवं परमिट फेल पाया गया। निरीक्षण के दौरान वाहन चालक द्वारा मादक पदार्थ का सेवन करते हुए पाए गए। बच्चों के सुरक्षित परिवहन की जिम्मेदारी वाले चालक द्वारा इस प्रकार की स्थिति में वाहन संचालन किया जाना अत्यंत गंभीर एवं चिंताजनक मामला पाया गया।
*दूसरा वाहन संख्या JH14P-3506* 22 सीटर पाया गया, जबकि उसमें *41 बच्चे* सवार थे। जांच में उक्त वाहन का परमिट फेल पाया गया। निरीक्षण दल द्वारा बच्चों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से वाहनों में क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाए जाने तथा आवश्यक वैध दस्तावेजों के अभाव को गंभीरता से लिया गया।
*फर्स्ट एड बॉक्स एवं GPS की सुविधा भी नहीं मिली*
प्रधानाध्यापिका द्वारा बताया गया कि विद्यालय के बच्चों के आवागमन के लिए विद्यालय संचालक की ओर से कुल *05 बसों की व्यवस्था* है, लेकिन निरीक्षण के दिन मात्र 02 बस उपलब्ध थीं, जबकि अन्य बसें खराब होने के कारण संचालित नहीं हो रही थीं। जांच के दौरान उपलब्ध दोनों बसों में फर्स्ट एड बॉक्स एवं GPS की सुविधा उपलब्ध नहीं पाई गई।
बच्चों के आवागमन के लिए टेम्पो की व्यवस्था के संबंध में पूछे जाने पर प्रधानाध्यापिका ने बताया कि विद्यालय की ओर से कोई टेम्पो उपलब्ध नहीं कराया जाता है, बल्कि अभिभावक अपने स्तर से इसकी व्यवस्था करते हैं। इस पर प्रधानाध्यापिका को निर्देश दिया गया कि अभिभावकों को बच्चों के परिवहन के दौरान होने वाली किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी एवं सुरक्षा संबंधी जोखिम से स्पष्ट रूप से अवगत कराना सुनिश्चित करें।
*विद्यालय प्रबंधन से 13 बिंदुओं पर साक्ष्य सहित प्रतिवेदन तलब*
निरीक्षण के क्रम में विद्यालय संचालन से संबंधित आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण प्रधानाध्यापिका को निर्देश दिया गया कि पत्र निर्गत होने की तिथि से *दो दिनों के अंदर* निम्न बिंदुओं पर साक्ष्य सहित प्रतिवेदन उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे –👇
1. विद्यालय की मान्यता की स्थिति।
2. मान्यता एवं यू-डाईस कोड के लिए की गई कार्रवाई की सत्यापित प्रति।
3. भवन प्रमंडल से निर्गत अनापत्ति प्रमाण-पत्र की सत्यापित प्रति।
4. अग्निशामक यंत्र के फोटोग्राफ एवं अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग से निर्गत अनापत्ति प्रमाण-पत्र की सत्यापित प्रति।
5. बच्चों के लिए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था एवं इसके लिए नियुक्त अतिरिक्त कर्मी से संबंधित साक्ष्य।
6. विद्यालय में पेयजल की व्यवस्था तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा पानी की जांच से संबंधित अभिलेख।
7. शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति में अपनाई गई प्रक्रिया, संबंधित संकल्प एवं नियुक्ति पत्र।
8. शिक्षकों की शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी योग्यता, वेतनमान, लेवल एवं मासिक वेतन का विवरण।
9. शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को भुगतान किए जा रहे मासिक वेतन के माध्यम से संबंधित साक्ष्य।
10. विद्यालय परिसर में संचालित संस्थानों की संख्या एवं उससे संबंधित अभिलेख।
11. विद्यालय के लिए उपलब्ध भूमि एवं संबंधित अभिलेखों का विवरण।
12. विद्यालय एवं अन्य संस्थानों के लिए आवंटित भूमि का पृथक-पृथक विवरण।
13. बच्चों के परिवहन के लिए उपलब्ध सभी बसों का विवरण, वाहन संख्या, चालक का ड्राइविंग लाइसेंस, स्वास्थ्य जांच एवं वाहनों के अद्यतन कागजात।
*निर्धारित अवधि में प्रतिवेदन नहीं देने पर होगी नियमसंगत कार्रवाई*
जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि निर्धारित अवधि के अंदर मांगे गए सभी दस्तावेज एवं साक्ष्य सहित प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में विद्यालय प्रबंधन के विरुद्ध नियमसंगत कार्रवाई की जाएगी तथा विद्यालय को बंद करने के संबंध में उच्चाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा जाएगा।

प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालय प्रबंधन द्वारा सुरक्षा मानकों एवं प्रचलित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाना अनिवार्य है।










