▪️मातृशोक की इस विकट घड़ी में भी नहीं थमा जनसेवा का संकल्प; मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में उमड़ रहा मुलाकात करने वालों का हुजूम।*
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▪️मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने एक-एक कर सुनीं लोगों की समस्याएं, त्वरित निदान के दिए निर्देश।*
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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन मातृशोक के इस गहरे और भावुक क्षण में भी पूरी संवेदनशीलता के साथ जनहित से जुड़े अपने कर्तव्यों का निर्वहन निरंतर कर रहे हैं। आज मुख्यमंत्री के पैतृक गांव नेमरा में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद और समस्याएं लेकर पहुंचे। गहरा व्यक्तिगत दु:ख होने के बावजूद मुख्यमंत्री ने एक जनसेवक की अपनी जिम्मेदारी को सर्वोपरि रखा और लोगों के बीच पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वयं एक-एक कर वहां उपस्थित सभी लोगों से मुलाकात की, उनका कुशलक्षेम जाना और बेहद आत्मीयता से उनकी समस्याओं को सुना। मुख्यमंत्री ने दुःख की इस घड़ी में भी यह अहसास कराया कि वे हर परिस्थिति में राज्य की जनता के साथ खड़े हैं। जनता की शिकायतों और समस्याओं को सुनने के बाद मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी मामलों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निदान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी फरियादी को निराश न लौटना पड़े, यह सुनिश्चित हो।मुख्यमंत्री के लिए राज्य की जनता ही उनका सबसे बड़ा परिवार है।











