- पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद ने हजारीबाग समाहरणालय में जल जीवन मिशन की योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा*
=============== - *हजारीबाग, रामगढ़, चतरा एवं कोडरमा जिले की पेयजलापूर्ति योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा, संवेदकों को कार्य में तेजी लाने का निर्देश*
================ - *योजनाओं में लापरवाही एवं विलंब पर संबंधित संवेदकों और अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही : मंत्री*
==============
हजारीबाग/रांची :– पेयजल एवं स्वच्छता विभाग मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार, हजारीबाग में जल जीवन मिशन के तहत हजारीबाग, रामगढ़, चतरा एवं कोडरमा जिले में संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की ।विभागीय योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, सिंगल विलेज स्कीम (SVS), रॉ वाटर राइजिंग एवं क्लीन वाटर राइजिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा पेयजलापूर्ति से संबंधित आधारभूत संरचनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में माननीय मंत्री ने कार्यों में हो रहे विलंब एवं योजनाओं के सुचारू रूप से संचालित नहीं होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि आमजन की मूलभूत आवश्यकता से जुड़ी पेयजलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।वाटर ट्रीटमेंट प्लांट एवं पेयजलापूर्ति संरचनाओं को क्रियाशील बनाने पर जोर दिया गया । माननीय मंत्री ने पेयजलापूर्ति योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने तथा जिला प्रशासन को नियमित रूप से योजनाओं की समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन एवं योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा तीन माह के उपरांत पुनः आयोजित बैठक में की जाएगी।
विभागीय सचिव श्री अबु इमरान ने निर्देश दिया कि पेयजलापूर्ति से जुड़ी सभी संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जहां कार्य अधूरे हैं अथवा योजनाओं का संचालन बाधित है, वहां आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समयबद्ध निराकरण किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच एवं योजनाओं की सतत निगरानी पर भी बल दिया।
- *बंद पड़ी योजनाओं एवं लापरवाही बरतने वाले संवेदकों पर होगी कार्रवाई*
समीक्षा के दौरान जिन योजनाओं में कार्य बंद पाया गया अथवा निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप प्रगति नहीं हुई, उन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। विभागीय सचिव ने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही एवं अनावश्यक विलंब के मामलों में जवाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण नहीं करने वाले तथा योजनाओं को बंद रखने वाले संवेदकों को नियमानुसार लीगल नोटिस जारी किया जाए तथा संविदा की शर्तों एवं लागू प्रावधानों के अनुरूप आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अभियान निदेशक श्री शशि रंजन ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार की लंबित योजनाओं की नियमित समीक्षा करने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन संवेदकों एवं अधिकारियों की शिथिलता के कारण योजनाएं लंबित हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही योजनाओं की अद्यतन स्थिति पर सतत निगरानी रखने, कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने तथा संवेदकों की जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।
बैठक में अभियंता प्रमुख श्री निरंजन कुमार, मुख्य अभियंता श्री रेयाज आलम, उप विकास आयुक्त, कोडरमा, नगर आयुक्त, हजारीबाग, अपर समाहर्ता, हजारीबाग, जिला योजना पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, माननीय मंत्री के ओएसडी सहित हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ एवं चतरा जिले के वरीय पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी एवं संबंधित संवेदक उपस्थित थे।










