भागलपुर : जिला के विशेष केंद्रीय कारा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आयी है। यहां जेल में बंद पति को देख पत्नी ने दम तोड़ दिया। भागलपुर के घोघा गोविंदपुर के स्वर्गीय राजेश प्रसाद यादव के पुत्र गुड्डू यादव और घोघा जानिडीह की पल्लवी यादव की दो वर्ष पहले लव मैरिज शादी हुई थी। वह 8 महीने से गर्भवती भी थी।
आठ महीने की गर्भवती महिला
विवाहिता आठ महीने की गर्भवती थी। चिकित्सकों द्वारा 27 जून को डिलीवरी का डेट दिया गया था, लेकिन ऊपर वाले को कुछ और ही मंजूर था। बताया जाता है कि 6 जून को पल्लवी जेल में बंद पति गुड्डू से मिलने के लिए पहुंची थी। नंबर आने पर जैसे ही गुड्डू उसके सामने आया तो पल्लवी बेहोश होकर गिर पड़ी। इसके बाद आनन-फानन में उसे मायागंज अस्पताल लाया गया। यहां पर जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मरा हुआ घोषित कर दिया। पल्लवी की मौत के साथ-साथ उसकी पेट में पल रहा बच्चा भी इस दुनिया में नहीं रहा।

जमीनी विवाद में जेल में बंद है गुड्डू यादव
कुछ दिन पहले विक्की यादव और गुड्डू यादव के बीच जमीनी विवाद हुआ था। जिसमें 307 में गुड्डू यादव को जेल हो गई थ।, जमीन विवाद में गुड्डू यादव विशेष केंद्रीय कारा भागलपुर में 8 महीने से कैद था। उनसे विशेष केंद्रीय कारा मे मुलाकाती के दौरान पति का चेहरा देखते ही बेसुध होकर उसकी पत्नी पल्लवी यादव गिर गई। इसके बाद आनन-फानन में मायागंज अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
गुड्डू के भाई ने पुलिस प्रशासन पर लगाया मनमानी का आरोप
वहीं गुड्डू के भाई बिक्की यादव का कहना है कि पुलिस की मनमानी के चलते मेरी भाभी की जान गई है। पुलिस ने पैसे लेकर मेरे भाई को जबरन जेल भेज दिया है। क्योंकि विपक्ष पैसे वाले हैं। उनसे पैसे लेकर पुलिस वाले ने मेरे भाई को जेल भेज दिया। अगर भैया जेल नहीं गए होते तो शायद यह घटना नहीं घटती। आज पूरा घर बिखर गया, इसका जिम्मेदार सिर्फ पुलिस प्रशासन है।
पति ने दी मुखाग्नि
पल्लवी की मौत के बाद परिवार ने पोस्टमार्टम के लिए हामी नहीं भरी। इसके बाद कानूनी लिखा-पढ़ी के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया था। अंतिम संस्कार के लिए पल्लवी का पति पुलिस की सुरक्षा में श्मशान घाट पहुंचा, फिर उसने पत्नी की चिता को आग दी। इस घटना से हर कोई हतप्रभ है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।










