भोजपुर जिले की समृद्ध और ऐतिहासिक लोक कला ‘भोजपुर पिड़िया पेंटिंग’ को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) दिलाने में ऐतिहासिक योगदान देने वाले सर्जना ट्रस्ट, आरा को राज्य स्तर पर सर्वोच्च सम्मान मिला है। 7 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना में आयोजित एक विशेष समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी तथा नाबार्ड के अध्यक्ष श्री शाजी के. वी. द्वारा सर्जना ट्रस्ट को सम्मानित किया गया। संस्था की ओर से यह सम्मान संभावना आवासीय विद्यालय, आरा के कला शिक्षक सह प्रसिद्ध चित्रकार संजीव सिन्हा ने ग्रहण किया। उल्लेखनीय है कि भोजपुर पिड़िया पेंटिंग भोजपुर जिले का पहला जीआई टैग प्राप्त उत्पाद बन गया है, जो कला जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।
इस उपलब्धि को हासिल कराने में नाबार्ड (बिहार क्षेत्रीय कार्यालय) ने मुख्य सहयोगी (Facilitating Agency) के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नाबार्ड अध्यक्ष शाजी के. वी. के पटना दौरे के क्रम में आयोजित इस कार्यक्रम में नाबार्ड बिहार के मुख्य महाप्रबंधक श्री गौतम कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जीआई पंजीकरण प्रमाणपत्र में भी नाबार्ड के योगदान को आधिकारिक रूप से दर्ज किया गया है। जीआई टैग मिलने से अब भोजपुर की इस पारंपरिक लोककला की मौलिकता और विशिष्टता को पूर्ण कानूनी संरक्षण प्राप्त हो गया है।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नाबार्ड अध्यक्ष ने सर्जना ट्रस्ट के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए इस कला के व्यापक व्यावसायिक विस्तार पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि अधिक से अधिक स्थानीय ग्रामीण महिला कलाकारों और शिल्पकारों को ‘अधिकृत उपयोगकर्ता’ (Authorised Users) के रूप में जोड़ा जाए, ताकि जीआई टैग का सीधा आर्थिक लाभ निचले स्तर तक पहुँच सके। नाबार्ड ने आश्वस्त किया कि वह पिड़िया पेंटिंग को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पहचान दिलाने तथा कलाकारों की आजीविका को मजबूत करने के लिए हरसंभव तकनीकी, संस्थागत और विपणन सहयोग प्रदान करेगा।










