▫️उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षात्मक बैठक संपन्न*
*▫️सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश*
*▫️दुर्घटनाओं की रोकथाम, जागरूकता और आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण पर विशेष जोर*
*▫️उपायुक्त ने किया आमजनों से सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का पालन करने की अपील*
जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर पहल करते हुए आज दिनांक- 24 सितम्बर 2026, गुरुवार को समाहरणालय सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त -सह- जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने की। बैठक में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, पथ प्रमंडल, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों के प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
बैठक की शुरुआत मोटर व्हीकल निरीक्षक मनीष कुमार द्वारा सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने से हुई। उन्होंने वर्ष 2025 एवं 2026 के लिए कम्परेटिव रोड एक्सीडेंट डेटा प्रस्तुत करते हुए बताया कि माह जनवरी से अगस्त के बीच में वर्ष 2025 में 120 सड़क दुर्घटनाएं हुई, 78 लोगों की मृत्यु हुई एवं 80 घायल हुए। वहीं वर्ष 2026 में 166 दुर्घटनाएं हुई 119 लोगों ने अपनी जान गँवाई एवं 138 लोग घायल हुए।
इसके पश्चात उपायुक्त ने जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए केवल सड़क निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आम नागरिकों के बीच यातायात नियमों के प्रति जागरूकता और अनुशासन विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक पहलू पर समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपायुक्त श्री मिश्रा ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जागरूकता अभियान केवल औपचारिकता न रहकर जनसामान्य तक प्रभावी ढंग से पहुंचे। इसके लिए स्कूलों, कॉलेजों और आईटीआई आदि संस्थानों में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों और युवाओं में प्रारंभिक स्तर से ही सुरक्षित यातायात व्यवहार की आदत विकसित हो सके। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को जागरूक बनाना सड़क दुर्घटनाओं को कम करने की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगा।

बैठक के दौरान यातायात नियमों के सख्त अनुपालन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। उपायुक्त ने सड़क किनारे आवश्यक संकेतकों की स्थापना, हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग तथा नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही वैसे स्थान जहाँ ग्रामीण सड़कें भारतीय राष्ट्रीय उच्च पथ, पथ प्रमण्डल की सड़कों को जोडती है तथा मार्ग में पड़ने वाले स्कूल के पास सड़क सुरक्षा से सम्बंधित सभी प्रकार के उपाय यथा- Speed Breaker, Rumble strip, Radium आदि लगाया जाए, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लायी जा सके। उन्होंने लगातार वाहन जांच अभियान चलाकर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। इस अवसर पर जिले में चल रहे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्यों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं एवं निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में शहरी क्षेत्र की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। सड़कों की ऊंचाई के कारण उत्पन्न जल जमाव की समस्या, नालियों के अधूरे निर्माण, जलजमाव, अतिक्रमण के कारण सड़क जाम की स्थिति, सड़कों पर अनावश्यक रूप से खड़े बिजली व टेलीफोन के खम्भे, शहरों की समुचित साफ-सफाई, मुख्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरास आदि को लेकर गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके साथ ही वर्षा के दौरान होने वाले जल जमाव को दूर करने के लिए प्रभावी ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने का निर्देश भी दिया गया, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद द्वारा बताया गया कि वर्षा ऋतु को देखते हुए शहर के सभी नालियों की सफाई विशेष टीम का गठन कर रात्रि में कराई जाती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सड़क एवं नालियों के निर्माण कार्य जारी रहने के कारण सी०सी०टी०वी० कैमरा का अधिष्ठापन नहीं किया गया। सड़क एवं नालियों का कार्य पूर्ण होते ही सी०सी०टी०वी० कैमरा अधिष्ठापित करा दिया जाऐगा।
कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद गढ़वा, नगर पंचायत श्री बंशीधर नगर एवं मंझिआंव ने सड़क पर लगने वाले दुकानों को नियंत्रित करने के लिए बताया कि समय-समय की विशेष अतिक्रमण अभियान चलाकर इसे रोका जा रहा है। साथ ही सड़क पर लगाने वाले दुकानों के सामानों की जब्ती भी की जा रही है।
मौके पर उपस्थित विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने गढ़वा जिले के विभिन्न क्षेत्र में वैसे सड़कों की समस्या से उपायुक्त को अवगत कराया जो दुर्घटना संभावित हैं। जनप्रतिनिधियों ने सड़कों के ब्लाइंड स्पॉट के पास आवश्यक उपाय करने की बात कही ताकि सड़क दुर्घटनाओं में ज्यादा से ज्यादा कमी लाया जा सके।फलस्वरुप उपायुक्त द्वारा ऐसे स्थानों का चिन्हितिकरण करते हुए आवश्यकता अनुसार मिरर लगाने, फुट ओवर ब्रिज का निर्माण करने, अंडरपास बनवाने एवं ऐसे ही दुर्घटना संभावित स्थलों पर समुचित लाइटिंग की व्यवस्था करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया।
एनएच- 39 से जुड़ने वाली लिंक रोड के ब्रेकरों पर रोड मार्किंग करना, ऑथराइज्ड कट बंद करना एवं सीसीटीवी कैमरा के अधिष्ठापन संबंधी निदेशों के अनुपालन में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि NH-39 से जुड़ने वाली लिंक रोड के ब्रेकरों पर Road Marking का कार्य पूर्ण करा लिया गया है। खजूरी से विंढमगंज तक सभी Unauthorized Cuts को बन्द करा दिया गया है। शंखा से खजूरी के बीच Unauthorized Cuts बंद करने का कार्य प्रगति पर है। सड़क पर लगे सीसीटीवी का Control Center गढ़देवी टोल प्लाजा एवं बंशीधर टोल प्लाजा पर है, जिसे आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग द्वारा देखा जा सकता है। सीसीटीवी कैमरे Optical Fiber से जुड़े है, (IP Adress और internet से नही) जिसके कारण उसका Access नहीं दिया सकता।
पिछले बैठक में दिए निर्देश, NH-343 रंका गोदरमाना मार्ग पर Surface Renewal का कार्य पूरणचन्द्र चौक से दानरो नदी तक एक माह माह में पूर्ण कराना तथा सड़क सुरक्षा के उपायों को प्रभावी रूप से लागू करते हुए सड़क सुरक्षा संबंधी कमियों को दूर करने, साथ ही रंका बाजार में नाली निर्माण के जाँच प्रतिवेदन हेतू जिला परिवहन पदाधिकारी को अनुमण्डल पदाधिकारी, रंका से पत्राचार करने के संबंध में राष्ट्रीय उच्च पथ, पथ प्रमंडल मेदिनीनगर द्वारा बताया गया कि NH-343 के पूरे पथांश में Surface Renewal का कार्य प्रगति पर है। एक सप्ताह से मौसम साफ रहने के कारण रंका-गोदरमाना मार्ग (गोदरमाना विश्रामपुर एवं भवरी) पर भी Surface Renewal का कार्य जारी है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक से पूर्व पूरनचन्द चौक से दानरो नदी पुल तक Surface Renewal का कार्य पूर्ण करा लिया जाएगा।
वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी कार्यालय द्वारा अवगत कराया गया कि पत्राचार कर जाँच प्रतिवेदन की माँग की गई थी, जो अभीतक अप्राप्त है। रंका बाजार में पुरानी नालीयों की सफाई कराकर उन्हें स्लैब से ढ़क दिया गया है। स्थल निरीक्षण के दौरान किसी भी स्लैब से छड़ बाहर निकला हुआ नहीं पाया गया है। रंका बाजार में PQC पथ एवं 1 किमी नाली निर्माण का प्राक्कलन स्वीकृति हेतू प्रक्रियाधीन है।
उपायुक्त श्री मिश्रा ने दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान को भी अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे स्थानों पर विशेष सुरक्षा के उपाय लागू कर दुर्घटनाओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सड़क सुरक्षा अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन जेएफ केनेडी को उपायुक्त ने निर्देशित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित पोस्टमार्टम रिपोर्ट समय पर उपलब्ध कराई जाए, ताकि दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। इसके अतिरिक्त जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में समुचित एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित उपचार उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि जिले के सभी पुलिस थानों, विशेषकर पीसीआर एवं सड़क किनारे स्थित थानों में फर्स्ट एड किट एवं आवश्यक जीवनरक्षक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार मिल सके। इसके लिए पुलिस कर्मियों को प्रशिक्षण देने तथा सभी स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त एंबुलेंस सुविधा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में पुलिस विभाग को सड़क दुर्घटना संभावित स्थलों का नियमित निरीक्षण कर दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करने का निर्देश दिया गया। सीसीआर प्रभारी एवं सभी थाना प्रभारियों को सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रभावी कार्रवाई करने तथा राष्ट्रीय राजमार्ग हेल्पलाइन 1033 एवं आपातकालीन सेवा 112 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए। ओवरस्पीडिंग, बिना हेलमेट वाहन चलाने तथा नाबालिग चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई जारी रखने पर भी बल दिया गया।
पूर्व बैठक में दिए गए निदेशों के अनुपालन में शिक्षा विभाग की समीक्षा में जानकारी दी गई कि जिले के सभी निजी विद्यालयों को विद्यालय वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने, प्रत्येक वाहन के साथ एक सहायक कर्मी की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित करने तथा सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनका अधिकांश विद्यालयों द्वारा अनुपालन किया जा रहा है।
इस संदर्भ में पुनः उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि वैसे सभी निजी विद्यालयों में परिचालित ऑटो तथा बसों में ओवरलोडिंग की समस्या के निदान के लिए विद्यालय प्रबंधन द्वारा नियमित नजर बनाए रखने एवं ऐसा पाया जाने पर संबंधित बच्चों के माता-पिता को इस खतरे से अवगत कराते हुए ऐसा नहीं करने की सलाह देने हेतु सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
साथ ही जिला परिवहन पदाधिकारी को स्कूल वाहनों एवं स्कूली बच्चों के लिए उपयोग में लाये जाने वाले अन्य वाहनों का औचक निरीक्षण एवं छापामारी अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उपायुक्त ने आम नागरिकों से अपील की कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझें। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं की सूचना के लिए 1033 हेल्पलाइन नंबर तथा अन्य आपात स्थितियों के लिए 112 नंबर का उपयोग करने की अपील की, ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इसके लिए उन्होंने NHAI से आए पदाधिकारी को उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर 1033 को प्रचुर/बहुतायत मात्रा में सड़कों पर स्थापित करने के निर्देश दिए।
साथ ही सड़क सुरक्षा प्रबंधक गढ़वा को समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक विद्यालयों, महाविद्यालयों व आईटीआई संस्थानों आदि में जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयास, सुदृढ़ आधारभूत संरचना और व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उपायुक्त ने कहा कि गढ़वा जिला प्रशासन इस दिशा में निरंतर सक्रिय प्रयास कर रहा है, ताकि जिले में सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
इस अवसर पर उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर, पुलिस उपाधीक्षक(मुख्यालय) यशोधरा, माननीय सांसद एवं विधायक प्रतिनिधिगण, कार्यपालक अभियंता पथ निर्माण विभाग, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, नगर पंचायत मंझिआंव एवं श्री बंशीधर नगर समेत सड़क सुरक्षा समिति के अन्य सदस्य आदि उपस्थित थें।










