- *जनसुनवाई में उपायुक्त ने सुनी आमजनों की फरियाद, 30 आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश*
- *पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने एवं जनसमस्याओं के समयबद्ध निष्पादन को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश*
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गढ़वा। आमजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने एवं उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने आज समाहरणालय सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान लोगों ने राशन, पेंशन, आवास, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, लंबित मानदेय भुगतान, मुआवजा, रोजगार सृजन तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने से संबंधित आवेदन समर्पित किए।
जनसुनवाई के दौरान उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी की समस्याओं को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना। उन्होंने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों की नियमानुसार जांच करते हुए त्वरित एवं उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही, अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आमजनों की शिकायतों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब न हो तथा प्रत्येक मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई की जाए।

जनसुनवाई के दौरान कांडी प्रखंड के बलियारी निवासी सुमंत दूबे ने प्रधानमंत्री आवास योजना, वृद्धावस्था पेंशन एवं राशन कार्ड का लाभ दिलाने को लेकर उपायुक्त के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने अपनी आर्थिक एवं सामाजिक स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि उनके पास रहने के लिए कोई समुचित आश्रय नहीं है और वे प्लास्टिक लगाकर किसी तरह जीवनयापन कर रहे हैं। राशन कार्ड नहीं होने के कारण भी उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वृद्धावस्था के कारण उनकी आंखों की रोशनी भी काफी कम हो गई है, जिससे वे कोई कार्य करने में असमर्थ हैं। उन्होंने उपायुक्त से अपनी स्थिति पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।
मेराल प्रखंड के खोरिडीह निवासी अनामिका कुमारी ने अपने लंबित मानदेय के भुगतान को लेकर आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि वे 2 सितंबर 2025 से 28 अक्टूबर 2025 तक उपायुक्त आवास में सफाई कर्मी के रूप में कार्यरत थीं। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के उद्देश्य से उन्होंने उक्त कार्य छोड़ दिया था। उनके अनुसार, लंबित मानदेय के भुगतान के लिए पूर्व में भी आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक इस संबंध में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने उपायुक्त से कार्य अवधि के बकाया मानदेय का भुगतान सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया।

वहीं गढ़वा प्रखंड के धोगरगिहा निवासी शमशाद अंसारी ने इलेक्ट्रिक साइकिल उपलब्ध कराने, दिव्यांग पेंशन का लाभ दिलाने तथा आवास आवंटित करने से संबंधित आवेदन समर्पित किया। उन्होंने बताया कि वे दिव्यांग होने के साथ-साथ आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं। उनके माता-पिता भी वृद्ध हो चुके हैं और परिवार के समक्ष जीवनयापन की गंभीर चुनौतियां हैं। ऐसी स्थिति में उन्होंने अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा संबंधित योजनाओं का लाभ दिलाने की गुहार लगाई।
मेराल प्रखंड के अधौरा निवासी मेघराज साव ने विवादित भूमि पर कथित रूप से जबरन जुताई एवं मकान निर्माण कराए जाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उक्त भूमि से संबंधित मामला अनुमंडल पदाधिकारी, गढ़वा के न्यायालय में विचाराधीन है। मामले में अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा अंचल अधिकारी, मेराल तथा थाना प्रभारी से स्थल जांच कर प्रतिवेदन मांगा गया है, लेकिन उनके अनुसार अब तक जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है।
आवेदक ने आरोप लगाया कि इस बीच दूसरे पक्ष द्वारा विवादित भूमि पर जबरन जुताई एवं मकान निर्माण कराया जा रहा है, जिससे दोनों पक्षों के बीच विवाद एवं मारपीट की आशंका बनी हुई है। उन्होंने उपायुक्त से मामले की गंभीरता को देखते हुए नियमानुसार जांच एवं उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया।
जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए अन्य फरियादियों ने भी अपनी समस्याओं एवं मांगों से संबंधित आवेदन उपायुक्त के समक्ष प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के दौरान कुल लगभग 30 आवेदन प्राप्त हुए। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजनों से प्राप्त शिकायतों का निष्पादन संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ किया जाए। विशेष रूप से जरूरतमंदों, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों तथा पात्र लाभुकों से संबंधित मामलों में नियमानुसार आवश्यक पहल करते हुए उन्हें सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जाए।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक आवेदन पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए, ताकि आमजनों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े।










