- जनसुनवाई में उपायुक्त ने सुनीं आमजनों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश
- आदिम जनजाति परिवार ने पहुंच पथ निर्माण की उठाई मांग, मुआवजा और भूमि विवाद के मामले भी पहुंचे जनसुनवाई में
गढ़वा। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आमजनों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। जनसुनवाई के दौरान राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, प्रधानमंत्री आवास योजना, भू-अर्जन मुआवजा, सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन एवं बकाया मजदूरी भुगतान सहित कई महत्वपूर्ण मामलों से संबंधित आवेदन प्राप्त हुए।

उपायुक्त ने सभी फरियादियों की समस्याओं को क्रमवार सुना तथा उनके त्वरित एवं प्रभावी निष्पादन के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को जनहित के मामलों में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं तत्परता के साथ कार्य करने तथा शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
*आदिम जनजाति परिवार ने पहुंच पथ निर्माण की उठाई मांग, मुआवजा और भूमि विवाद के मामले भी पहुंचे जनसुनवाई में*
जनसुनवाई के दौरान डंडई प्रखंड के ग्राम बालेखाड़ से पहुंचे परहिया (आदिम जनजाति) परिवार के लोगों ने उपायुक्त को आवेदन देकर बताया कि उनके गांव तक पहुंचने के लिए कोई समुचित मार्ग उपलब्ध नहीं है, जिससे आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि पहुंच पथ निर्माण के लिए चिन्हित भूमि झारखंड सरकार की है। उन्होंने गांव तक पहुंच पथ निर्माण कराने की मांग की, जिससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके।

वहीं रमना प्रखंड के टड़वा गांव निवासी धनेश प्रजापति ने शिकायत करते हुए बताया कि पथ चौड़ीकरण परियोजना के लिए उनकी भूमि का अधिग्रहण किया गया था, लेकिन अब तक उन्हें मुआवजे की पूरी राशि प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने शिकायत किया कि बार-बार भू-अर्जन कार्यालय जाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है। उन्होंने उपायुक्त से शेष मुआवजा राशि दिलाने की मांग की।
कांडी प्रखंड के सबुआ गांव निवासी शंकर राम ने अपनी भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि कुछ लोगों द्वारा उनकी रैयती जमीन पर जबरन जोताई एवं खेती की जा रही है। उन्होंने दोनों पक्षों के भूमि अभिलेखों की जांच कर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
इसी क्रम में रंका प्रखंड के बिश्रामपुर गांव निवासी उपेंद्र कुमार रवि ने कूप निर्माण योजना में कथित अनियमितता एवं फर्जी मजदूरों के नाम पर राशि निकासी का मामला उठाया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में स्वीकृत योजना के तहत वर्ष 2022-23 में कार्य कराया गया, लेकिन ऑनलाइन मास्टर रोल में दर्ज मजदूरों ने वास्तविक रूप से कार्य नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फर्जी मानव दिवस दर्शाकर ₹1.52 लाख से अधिक की राशि की निकासी की गई है। उन्होंने योजना स्थल की भौतिक जांच कर दोषी अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।
इसके अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए अन्य नागरिकों ने भी अपनी-अपनी समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। सभी मामलों पर उपायुक्त श्री मिश्रा ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि आमजनों की शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष एवं प्रभावी समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।










