● उपायुक्त की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न, दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश
● लक्ष्य के विरुद्ध राजस्व की वसूली आपदा प्रबंधन, भू-हस्तांतरण, नामांतरण एवं अंचल संबंधित अन्य मामलों की हुई समीक्षा
● राजस्व संबधित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अंदर करें पूर्ण- उपायुक्त
● बिना आपत्ति वाले मामले 30 दिनों अधिक एवं आपत्ति वाले मामले को 90 दिनों से अधिक लंबित नहीं रखने का निदेश
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से वर्तमान वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के विरूद्ध अब तक राजस्व वसूली (आन्तरिक संसाधन सहित) आपदा प्रबंधन/ परिशोधन पोर्टल/भू-हस्तारण/नामांतरण एवं अंचल संबंधित अन्य मामले यथा- अंचल वार म्यूटेशन रिपोर्ट, सुओ-मोटो म्यूटेशन, अंचल वार सक्सेशन म्यूटेशन, पार्टीशन म्यूटेशन, लैंड डीमार्केशन, लैंड एक्विसिशन म्यूटेशन, डीसीएलआर अपील एवं सर्टिफिकेट इश्यू आदि समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई।

बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा विभिन्न राजस्व वसूली करने वाले विभागों की बारी-बारी समीक्षा की गई। वर्तमान वित्तीय वर्ष में लक्ष्य के विरूद्ध राजस्व वसूली (आन्तरिक संसाधन सहित) की समीक्षा करते हुए निबंधन कार्यालय गढ़वा एवं श्री बंशीधर नगर, नगर परिषद गढ़वा एवं नगर पंचायत श्री बंशीधर नगर तथा मंझिआंव, उत्पाद विभाग, परिवहन, खनन, बाजार समिति, वाणिज्य, विद्युत विभाग माप तौल विभाग, मत्स्य, लघु सिंचाई आदि राजस्व वसूली के अन्य आंतरिक संसाधनों की समीक्षा करते हुए सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत राजस्व वसूली करते हुए लक्ष्य प्राप्ति हेतु निर्देश दिया गया।
बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत मंझिआंव द्वारा लैंड ट्रांसफर से संबंधित मामले में लापरवाही बरतने को लेकर नाराजगी व्यक्त करते हुए कड़ी फटकार लगाई गई एवं कार्य को गंभीरता से लेते हुए तथा समान रूप से अंचल अधिकारी मंझिआंव से समन्वय स्थापित करते हुए ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।
इस दौरान विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर अंचल संबंधित विभिन्न कार्यों का बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 दिनों से अधिक तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। वहीं आपत्ति वाले मामले को 90 दिनों से अधिक लंबित नहीं रखने का निर्देश दिया गया।
अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई मामले 90 दिनों से अधिक लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया।

भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें।
राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड, डीसीएलआर अपील इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं तय समय सीमा के अंदर करने का निर्देश दिया गया।
भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई।
साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।
जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक के दौरान वर्तमान वित्तीय वर्ष में आपदा प्रबंधन विभाग सहाय्य शाखा के अंतर्गत पीड़ितों को मुआवजा राशि देने से संबंधी प्राप्त आवंटन की समीक्षा की गई। प्रभारी पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि अति दृष्टि एवं प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लाभुकों को प्राप्त आवंटन के विरुद्ध कुल ₹1354000 मुआवजा राशि के रूप में भुगतान किया गया है। वही अग्निकांड से पीड़ित के लाभों को ₹496000 का भुगतान किया जा चुका है। शेष कार्य प्रक्रियाधीन है।
इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अलावे जिला भू-अर्जन पदाधिकारी राजेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी गोपी उरांव, अनुमंडल पदाधिकारी रंका मोहम्मद प्रवेज, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं सभी अंचल अधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, जिला खनन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थें।










