*● उपायुक्त की अध्यक्षता में स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न*
*● स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत एक साथ कई योजनाओं की बैठक कर दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश*
*● एकीकृत रोग निगरानी परियोजना-एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफ़ॉर्म (IDSP-IHIP) की बैठक कर दिए गये आवश्यक दिशा निर्देश*
*● बैठक में अनुपस्थित पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण का निदेश*
स्वास्थ्य विभाग की जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक का आयोजन आज उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभाकक्ष में संपन्न की गई। जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग की इस समीक्षात्मक बैठक में विभाग से संबंधित एक साथ कई योजनाओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग के समीक्षा के दौरान जिले एवं प्रखंड के विभिन्न स्वास्थ्य केंन्द्रो पर स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकों की उपलब्धता की अद्यतन स्थिति से अवगत होते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न इण्डिकेटरों की समीक्षा करते हुए सुधारात्मक प्रयास करने तथा कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। इसके तहत एएनसी रजिस्ट्रेशन, संस्थागत प्रसव, child full immunization, फैमिली प्लैनिंग, ई-संजीवनी (टेलीमेडिसिन), सिकल सेल स्क्रीनिंग स्टेटस, अर्बन हेल्थ, अटल क्लिनिक एवं एवं मुख्यमंत्री असाध्य रोग/गंभीर बीमारी योजना की समीक्षा कर अद्यतन स्थिति से अवगत होने का कार्य किया गया। इसके अतिरिक्त स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत संचालित अन्य गतिविधियों जैसे कि डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम इम्प्लीमेंटशन कमिटी, डिस्ट्रिक्ट TB फोरम, डिस्ट्रिक्ट TB कोर्बीडिटी कोऑर्डिनेशन कमिटी, डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स ऑफ़ TB, एक्टिव केस finding फॉर TB, प्रपोजल फॉर TB फ्री पंचायत, डिस्ट्रिक्ट ग्रिवांस रेडरेसेल कमिटी (DGRC), हॉस्पिटल मेंटेनेंस एवं अबुआ स्वास्थ्य योजना आदि के अद्यतन प्रतिवेदन की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किए गए।
सदर अस्पताल एवं जिले के विभिन्न सीएचसी, पीएचसी में स्वास्थ्य संबंधित चल रहे चिकित्सकीय कार्य सुदृढ़ रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बैठक में उपस्थित विभिन्न एमओआईसी (प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों) को प्राथमिकता के आधार पर मरीजों का समुचित इलाज करने, अस्पताल में साफ-सफाई सुनिश्चित करने तथा चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म में रहने के निर्देश दिए गए, लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही गई।
जिला स्तरीय स्वास्थ्य विभाग के इस समीक्षात्मक बैठक में मेराल एवं भंडरिया प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों द्वारा बिना कारण बताए अनुपस्थित रहने के कारण उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा सिविल सर्जन डॉक्टर जेएफ केनेडी को संबंधितों से कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

विभिन्न चिकित्सा पदाधिकारियों ने उपायुक्त को स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों, सुरक्षा गार्ड, एक्स-रे टेक्नीशियन की कमी व विद्युतीकरण तथा खराब पड़े एम्बुलेंस आदि समस्याओं से अवगत कराया, जिसके निराकरण हेतु उपायुक्त श्री मिश्रा ने सिविल सर्जन डॉक्टर जे.एफ. कैनेडी को आवश्यक कार्रवाई करने हेतु निर्देशित किया।
उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा एकीकृत रोग निगरानी परियोजना-एकीकृत स्वास्थ्य सूचना प्लेटफ़ॉर्म (IDSP-IHIP) की भी बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए गयें। इसके तहत होने वाले कुछ जानलेवा बीमारी यथा- मलेरिया, टाइफाइड, डेंगू इत्यादि बीमारियों के होने का कारण एवं इसके निराकरण पर चर्चा हुए इसके रोकथाम, इलाज व बचाव हेतु संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान उपायुक्त को पिछले वर्ष के प्रतिवेदन से अवगत कराते हुए तुलनात्मक रूप से बताया गया कि उपरोक्त वर्णित जानलेवा बिमारियों में वर्तमान वर्ष में काफी कमी आयी है। इस दौरान उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विभिन्न अन्य कार्यो की भी समीक्षा की। इनमें मुख्य रूप से एचएमआईएस पोर्टल, एएनसी रजिस्ट्रेशन, गर्भवती महिलाओं की संख्या, संस्थागत प्रसव, आकांक्षी जिला अंतर्गत विभिन्न इंडिकेटर, एएनसी चेकअप, चाइल्ड इम्यूनाइजेशन, फैमिली प्लानिंग, प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत, अनीमिया से बचाव, मिशन इंद्रधनुष, यू विन पोर्टल, चिकित्सकों की उपस्थिति, एम्बुलेंस की उपलब्धता समेत स्वास्थ्य विभाग की अन्य भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर गहन समीक्षा कर उपायुक्त ने कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए तथा विभिन्न इंडिकेटर में अपेक्षाकृत पूवर परफॉर्मेंस प्रस्तुत करने पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं संबंधितों को अपने जिम्मेवारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए प्रतिवेदन में सुधारणात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सक अपने कार्य को मानवीय संवेदना एवं जिम्मेदारी के साथ निष्पादित करें अन्यथा कार्रवाई होगी।
संक्रामक एवं पशुजनित (जूनोटिक) बीमारियों की समयपूर्व पहचान, प्रभावी निगरानी तथा त्वरित नियंत्रण सुनिश्चित करने की दिशा में उपायुक्त श्री मिश्रा ने वन हेल्थ (One Health) समिति एवं जिला संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (District Joint Outbreak Response Team-DJORT) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निदेश दिया गया।
बैठक में निदेशित करते हुए बताया गया कि वन हेल्थ एक समन्वित एवं बहुक्षेत्रीय अवधारणा है, जिसके तहत मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य को एक-दूसरे से जुड़ा हुआ मानते हुए रोगों की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान, निगरानी एवं नियंत्रण के लिए विभिन्न विभागों को एक साझा मंच पर लाया जाता है। इसके अंतर्गत रेबीज, लेप्टोस्पायरोसिस, स्क्रब टाइफस, स्नेक बाईट (सर्पदंश), एंथ्रेक्स, ब्रुसेलोसिस, वेक्टर जनित रोगों तथा जल एवं खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम एवं नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने किया आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विभाग की इस बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त डीपीएम गौरव कुमार समेत संबंधित विभागों के चिकित्सा पदाधिकारी एवं चिकित्सा विभाग के अन्य कर्मी व पदाधिकारी उपस्थित थें।










