- शिक्षा विभाग अंतर्गत असैनिक निर्माण कार्यों की हुई व्यापक समीक्षा
- उपायुक्त की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में बैठक आयोजित
गढ़वा। समाहरणालय सभागार में आज उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित असैनिक निर्माण कार्यों की समीक्षा हेतु एक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा, जिला शिक्षा अधीक्षक अनुराग मिंज, सभी कनीय अभियंता, शिक्षा विभाग से जुड़े सभी संवेदक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान जिले में शिक्षा विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई। विशेष रूप से KGBV भवन, PVTG छात्रावास, डाइट रेहला, जिला स्तरीय पुस्तकालय, PM SHRI विद्यालय, विद्यालय परिसरों की चहारदीवारी, ACR से संबंधित कार्य, संस्थानों के सुदृढ़ीकरण कार्य, पेयजल की उपलब्धता, विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थिति, बेंच-डेस्क की आपूर्ति, DMFT के तहत बन रहें किचन शेड, किचन शेड के प्रमुख मरम्मत कार्य सहित अन्य कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

इसके अतिरिक्त NH-75 से प्राप्त राशि से कराए जा रहे कार्यों की स्थिति तथा जिन परियोजनाओं में समस्याएं/अवरोध रिपोर्ट किए गए हैं, उनकी भी अलग से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी लंबित एवं प्रगतिरत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए। कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता अथवा गुणवत्ता में समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उपायुक्त श्री यादव ने संबंधित अभियंताओं एवं संवेदकों को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा जिन परियोजनाओं में तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधाएं हैं, उन्हें यथाशीघ्र दूर कर प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा से जुड़े निर्माण कार्य सीधे तौर पर विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े हैं, अतः इन कार्यों में विशेष संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी अपेक्षित है।
बैठक में अधिकारियों द्वारा आश्वस्त किया गया कि सभी निर्देशों का अनुपालन करते हुए कार्यों को शीघ्र गति प्रदान की जाएगी तथा नियमित रूप से प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराया जाएगा।
यह बैठक जिले में शिक्षा आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।










