- विश्व जनसंख्या दिवस पर गढ़वा में जागरूकता कार्यक्रम, सम्मान समारोह एवं रैली का आयोजन
- उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सक, एएनएम, एफपी-बीटीटी एवं सहियाओं को उपायुक्त ने किया सम्मानित
- परिवार नियोजन अपनाने एवं जनसंख्या स्थिरीकरण का दिया गया संदेश
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गढ़वा। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर जिला स्वास्थ्य समिति, गढ़वा के तत्वावधान में मंगलवार को जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी पशुपति नाथ मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आमजन को परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व, किशोर स्वास्थ्य तथा जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति जागरूक करना एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मानित करना था।

कार्यक्रम के दौरान परिवार नियोजन कार्यक्रम के सफल संचालन एवं उत्कृष्ट कार्य निष्पादन के लिए विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सकों, एएनएम, परिवार नियोजन बी.टी.टी. (FP BTT) एवं सहियाओं को उपायुक्त द्वारा प्रशस्ति-पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह ने स्वास्थ्यकर्मियों का उत्साहवर्धन किया तथा उन्हें भविष्य में भी बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में परिवार नियोजन एवं जनसंख्या स्थिरीकरण विषय पर आधारित एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया गया। कलाकारों ने छोटे परिवार के महत्व, सुरक्षित मातृत्व, बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखने तथा परिवार नियोजन के विभिन्न साधनों के उपयोग के प्रति लोगों को सरल एवं रोचक तरीके से जागरूक किया। उपस्थित लोगों ने इस प्रस्तुति की सराहना करते हुए परिवार नियोजन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।

*इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा* ने कहा कि विश्व जनसंख्या दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक परिवार नियोजन, सुरक्षित मातृत्व, किशोर स्वास्थ्य एवं जनसंख्या स्थिरीकरण का संदेश पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि बढ़ती जनसंख्या की चुनौतियों का प्रभावी समाधान जन-जागरूकता एवं परिवार नियोजन सेवाओं के व्यापक उपयोग से ही संभव है। प्रत्येक परिवार को उपलब्ध परिवार नियोजन साधनों एवं सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाकर स्वस्थ, शिक्षित एवं समृद्ध समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए *सिविल सर्जन डॉ. जॉन एफ. कैनेडी* ने परिवार नियोजन के विभिन्न अस्थायी एवं स्थायी साधनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बच्चों के जन्म के बीच उचित अंतराल रखने से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर होता है तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने सभी पात्र दंपत्तियों से अपील की कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क परिवार नियोजन सेवाओं का अधिकाधिक लाभ उठाएँ और अपने परिवार के उज्ज्वल भविष्य के लिए जिम्मेदार निर्णय लें।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपायुक्त, सिविल सर्जन एवं अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से *परिवार नियोजन जागरूकता रथ एवं जन-जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।* रैली के माध्यम से जिलेवासियों को छोटे परिवार के लाभ, परिवार नियोजन अपनाने तथा जनसंख्या स्थिरीकरण के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया। जागरूकता रथ विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों को परिवार नियोजन से संबंधित जानकारी एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रेरित करेगा।
इस अवसर पर सम्मानित होने वालों में *प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी रंका डॉ. असजद अंसारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी भवनाथपुर डॉ. दिनेश कुमार, एएनएम इमलान बेक एवं शिला कुमारी, एफपी-बीटीटी पिंकी कुमारी, उषा कुमारी एवं वीरेंद्र कुमार मिश्रा तथा सहिया अनिता देवी एवं सूजनती देवी* शामिल रहे।
कार्यक्रम का सफल संचालन जिला कार्यक्रम प्रबंधक गौरव कुमार द्वारा किया गया। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जिला लेखा प्रबंधक, जिला कार्यक्रम समन्वयक, डीपीएमयू कोऑर्डिनेटर, डीसीक्यूए सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य पदाधिकारी, चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।










