झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय के बाहर हाल ही में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। ये अभ्यर्थी CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि परीक्षा में पेपर लीक और अन्य अनियमितताएं हुई हैं। इस प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे।

सरकार ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं और अब तक की जांच में कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सरकार का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और परीक्षा की निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
अभ्यर्थियों की मांग है कि CGL परीक्षा को रद्द कर फिर से आयोजित किया जाए ताकि सभी को समान अवसर मिल सके। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। इस घटना पर जनता की भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। लोग सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।










