रांची : सिल्ली के पूर्व विधायक अमित महतो कोर्ट में आत्मसमर्पण करेंगे। दो मामलों को लेकर उनका आत्मसमर्पण होगा। पहला मामला सोनाहातू का है, जहां तत्कालीन सीओ आलोक कुमार के मामले में विधायक अमित महतो सहित आठ दोषियों को दो-दो वर्ष की सश्रम कैद की सजा सुनाई गयी थी। अदालत ने सोनाहातू के तत्कालीन अंचलाधिकारी आलोक कुमार के साथ मारपीट व गाली-गलौज करने, सरकारी काम-काज में बाधा डालने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित अन्य धाराओं में दोषी पाए गए थे। वहीं दूसरा मामला 3 अगस्त 2022 को विधानसभा घेराव से जुडा हुआ है। उन्होंने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट भी गए थे। लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली थी।
क्या बोले अमित महतो
इस बाबत अमित महतो ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2006 के सोनाहातू सीओ मामले और 2023 में विधानसभा घेराव मामले में सरेंडर करेंगे। अमित महतो ने कहा कि 2006 के मामले में साजिश के तहत फंसाया गया। जिस वजह से 23 मार्च 2018 को मेरी विधायकी चली गई। 03 अगस्त 2022 को विधानसभा घेराव का कार्यक्रम था। इसे लेकर सरकार की तरफ से मुकदमा किया गया। इस मामले में जमानत नहीं मिली। अमित महतो गलत का विरोध करता रहूंगा चाहे कितनी बार भी जेल जाना पड़े। सरकार को मुझ से डर लगता है। इस वजह से जेल भेजा जा रहा है।
अमित महतो ने बताया कि सोनाहातू सीओ मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने निचली अदालत से मिली 2 साल की सजा को सुनवाई के बाद 1 साल कर दिया है। उन्होंने बताया कि सोनाहातू सीओ मामले में निचली अदालत ने 2 साल की सजा सुनाई थी। उसी सजा को चुनौती देने वाली याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एस चंद्रशेखर और जस्टिस रत्नाकर बेंगरा की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने निचली अदालत के 2 साल की सजा को 1 वर्ष की सजा में बदल दी है।
60ः40 पर अमित महतो ने सरकार को घेरा
अमित महतो ने कहा कि हाल में बांटी गई नियुक्तियों में सरकार का कोई रोल नहीं है। ये सरकार की नीति नहीं है लेकिन सरकार इसे अपनी उपलब्धि बताती है। सरकार की नीति में 40 प्रतिशत लोग बाहर के आएंगे। सरकार ने अभी तक झारखंड के लोगों को परिभाषित नहीं किया है तो 60 प्रतिशत किसे नौकरी देंगे। झारखंड को राज्य के लोग बेहतर तरीके से चला सकते हैं बाहर के लोग नहीं। सीएनटी, एसपीटी एक्ट होने के बाद भी जमीन की धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। स्थानीयता को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। पूर्ववर्ती रघुवर सरकार के पद चिन्हों पर हेमंत सरकार चल रही है।
आउटसोर्सिंग के नाम पर होता है खेला
अमित महतो ने कहा कि झारखंड संपन्न राज्य है लेकिन यहां के लोग पिछड़े हुए हैं। अपने लिए महंगी गाड़ियां खरीदना सरकार की प्राथमिकता है। गलत अधिकारियों को नियुक्त करना सरकार का काम रह गया है। ईडी हर दिन भ्रष्टाचार के खुलासे कर रहा है और बड़े अधिकारी जेल जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिंग के नाम पर खेल खेला जाता है। स्वास्थ्य विभाग में खेल खेला जा रहा है। ऊर्जा विभाग में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। इस विभाग में एक इंजीनियर 03 पदों को संभाल रहे हैं। सरकार गलत नीतियां बना रही है। हर तरफ खतियान की आवाज उठ रही है।









