रांची : पटना से रांची के बीच सोमवार को वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का ट्रायल रन हो रहा है। इस दौरान वंदे भारत एक्सप्रेस कोडरमा पहुंची। इस अवसर पर हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा मौजूद रहे। ट्रायल रन के बाद जल्द ही हजारीबाग टाउन स्टेशन होकर प्रदेश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस पटरियों पर दौड़ने लगेगी। इससे हजारीबाग शहरी आबादी में उत्साह का जबरदस्त माहौल है तो दूसरी ओर जिले की ग्रामीण आबादी में इसको लेकर गहरी निराशा भी है।
हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पहुंची वंदे भारत ट्रेन
इसी सिलसिले में वंदे भारत ट्रेन हजारीबाग टाउन रेलवे स्टेशन पहुंची जहां इसका लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। भाजपा के पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे ने कहा कि 1990 में उन्होंने हजारीबाग में रेलवे की मांग तथा एनटीपीसी की मांग को रखा था जो अब साकार होते हुए दिख रहा है। आज सफल ट्रायल होने के बाद कुछ दिनों में देश के प्रधानमंत्री इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर इस रूट पर सुचारू रूप से चलने की अनुमति प्रदान करेंगे। यह हजारीबाग वासियों के लिए गौरव का क्षण है।
ग्रामीणों का निराशा का मुख्य़ कारण वंदे भारत के प्रस्तावित स्टॉपेज में कोडरमा के बाद हजारीबाग टाउन और इसके बाद बरकाकाना ही शामिल है। ऐसे में इसके बीच के किसी स्टेशन में यह ट्रेन नहीं रुकेगी। इस ट्रेन का फायदा बरही, पदमा, कटकमसांडी और चरही जैसे स्टेशनों को नहीं मिलेगा। ऐसे मे इनमें मायूसी देखी जा रही है।
‘वंदे भारत से हमें कोई फायदा नहीं’
वहीं बरही के चंद्रदेव साहू ने कहा कि वंदे भारत से हमें कोई फायदा नहीं है। ग्रामीण इलाकों को फायदा वंदे भारत से नहीं यात्री ट्रेन या इंटरसिटी से है। इस मामले में दूसरा पहलू ये है की वंदे भारत ट्रेन के किराए को लेकर भी खूब कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ एक खबरों में यह बात आई है की वंदे भारत का किराया डबल डेकर और शताब्दी जैसे ट्रेनों से दोगुना है और स्पीड भी लगभग इन्ही के बराबर है।
इस अवसर पर हजारीबाग टाउन स्टेशन में भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, ऐसे में स्टेशन मास्टर शहनवाज रिजवी ने आम लोगों से टाउन स्टेशन के प्लेटफार्म पर सेफ्टी लाइन के अंदर रहने की अपील की है।










