- पेयजल समस्याओं के समाधान में तेजी: झार जल पोर्टल पर शिकायतों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित
- ग्रीष्म ऋतु में आमजन को पेयजल संकट से राहत दिलाने हेतु जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय
- कोई भी शिकायत 7 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए: उपायुक्त अनन्य मित्तल
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गढ़वा। भीषण गर्मी एवं बढ़ते तापमान को देखते हुए जिले में आमजनों को पेयजल संकट से राहत दिलाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूरी सतर्कता एवं गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। इसी क्रम में उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री अनन्य मित्तल ने अपने कार्यालय वेश्म से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से झार जल पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा बैठक की तथा जिले में पेयजल व्यवस्था की स्थिति का विस्तृत आकलन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी बीडीओ एवं कनीय अभियंताओं को उनके क्षेत्रों में ज्यादा समय से लंबित पड़े शिकायतों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया कि चापाकल, जलमीनार एवं पेयजल आपूर्ति से संबंधित कोई भी शिकायत किसी भी परिस्थिति में 7 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि शिकायतें निर्धारित समयसीमा से अधिक लंबित पाई जाती हैं तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहाँ कि जहां वाटर सोर्स बिल्कुल नहीं है तथा लिमिटेड फंड हो वहां कम से कम एक वाटर सोर्स की व्यवस्था अवश्य करें ताकि वहां के लोगों को पेयजल आपूर्ति की जा सकें।
उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि झार जल पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों की रिपोर्ट सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों के बीच नियमित रूप से साझा की जाए, ताकि बेहतर समन्वय स्थापित कर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल, गढ़वा अजय कुमार सिंह द्वारा जानकारी दी गई कि झार जल पोर्टल के विभिन्न माध्यमों टोल फ्री नंबर 1800-3456-502, व्हाट्सएप नंबर 9470176001, ई-मेल तथा ऑनलाइन पोर्टल jharjaljharkhand.gov.in के जरिए प्राप्त शिकायतों का त्वरित निष्पादन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि दिनांक 11 मई 2026 तक जिले में कुल 1404 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें सर्वाधिक 1089 शिकायतें चापाकल मरम्मती से संबंधित हैं, जबकि 224 शिकायतें लघु जलापूर्ति योजना, 15 वृहत जलापूर्ति योजना, 14 पाइपलाइन लीकेज, 18 जलापूर्ति बाधित होने, 13 जल गुणवत्ता, 5 शौचालय एवं स्वच्छता तथा 25 अन्य मामलों से संबंधित हैं।
प्राप्त शिकायतों में से अब तक 1068 मामलों का सफल निष्पादन किया जा चुका है। वहीं 8 मामलों को अस्वीकृत किया गया है, 5 शिकायतें वापस ली गई हैं तथा 11 मामलों में अग्रेतर कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है। वर्तमान में 64 शिकायतें लंबित हैं, जिनके शीघ्र निष्पादन के निर्देश उपायुक्त द्वारा दिए गए।
जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई कि पेयजल से संबंधित किसी भी समस्या की जानकारी झार जल पोर्टल के माध्यम से अवश्य दें, ताकि समयबद्ध कार्रवाई करते हुए लोगों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जा सके।










