● उपायुक्त की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न, दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश
● लक्ष्य के विरुद्ध राजस्व की वसूली आपदा प्रबंधन, भू-हस्तांतरण, नामांतरण एवं अंचल संबंधित अन्य मामलों की हुई समीक्षा
● राजस्व संबधित कार्यों को निर्धारित समय सीमा के अंदर करें पूर्ण- उपायुक्त*
● बिना आपत्ति वाले मामले 30 दिनों अधिक एवं आपत्ति वाले मामले को 90 दिनों से अधिक लंबित नहीं रखने का निदेश
उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से विगत वर्ष का लक्ष्य के विरूद्ध राजस्व वसूली (आन्तरिक संसाधन सहित) आपदा प्रबंधन/भू-हस्तारण/नामांतरण एवं अंचल संबंधित अन्य मामले यथा- अंचल वार म्यूटेशन रिपोर्ट, सुओ-मोटो म्यूटेशन, अंचल वार सक्सेशन म्यूटेशन, पार्टीशन म्यूटेशन, लैंड डीमार्केशन, लैंड एक्विसिशन म्यूटेशन, डीसीएलआर अपील एवं सर्टिफिकेट इश्यू आदि समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई।

बैठक के प्रारंभ में मौके पर उपस्थित वन प्रमंडल पदाधिकारी गढ़वा दक्षिणी ई.बी. अब्राहम द्वारा वन (संरक्षण एवं संवर्धन) अधिनियम 1980 की धारा 1 ए के तहत उक्त अधिनियम के प्रावधानों से संबंधित मामलों के निबटारे के बारे में माननीय उच्चतम न्यायालय के द्वारा लिए गए निर्णय एवं आदेशों से बैठक में उपस्थित संबंधित पदाधिकारियों को विस्तार से बताया गया।
उन्होंने इसके अंतर्गत आने वाले मामलों के विभिन्न लैंड रिकॉर्ड्स जैसे कि जंगल, जंगल झाड़ी, सखुआ जंगल, खैर जंगल अथवा उक्त प्रावधानों के अंतर्गत अन्य स्पष्ट किए गए शर्तों (डिस्क्राइब्ड बाई सिनोनिम्स टर्म इन द रिकॉर्ड ऑफ़ राईट) के अंतर्गत मामले के निष्पादन संबंधी प्रकाश डाले गए। तत्पश्चात अपर समाहर्ता विकास कुमार राय द्वारा ऐसे मामलों को एक माह के अंदर सुलझाते हुए प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश अंचल अधिकारियों को दिया गया।
इसके बाद उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा विभिन्न राजस्व वसूली करने वाले विभागों की बारी-बारी समीक्षा की गई। विगत वर्ष का लक्ष्य के विरूद्ध राजस्व वसूली (आन्तरिक संसाधन सहित) की समीक्षा करते हुए निबंधन कार्यालय गढ़वा एवं श्री बंशीधर नगर, नगर परिषद गढ़वा एवं नगर पंचायत श्री बंशीधर नगर तथा मंझिआंव, उत्पाद विभाग, परिवहन, खनन, बाजार समिति, वाणिज्य, विद्युत विभाग माप तौल विभाग, मत्स्य, लघु सिंचाई आदि राजस्व वसूली के अन्य आंतरिक संसाधनों की समीक्षा करते हुए सरकार द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत प्रतिशत राजस्व वसूली करते हुए लक्ष्य प्राप्ति हेतु निर्देश दिया गया।

बैठक में कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत मंझिआंव अनुपस्थित पाए गयें, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त श्री मिश्रा द्वारा स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया, साथ ही अगले आदेश तक वेतन स्थगित करने की बात कही गई।
इस दौरान विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर अंचल संबंधित विभिन्न कार्यों का बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 दिनों से अधिक तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। वहीं आपत्ति वाले मामले को 90 दिनों से अधिक लंबित नहीं रखने का निर्देश दिया गया।
अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई मामले 90 दिनों से अधिक लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया।
भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें।
राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड, डीसीएलआर अपील इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं तय समय सीमा के अंदर करने का निर्देश दिया गया।
भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई।
साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।
इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अलावे जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिले के सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता एवं सभी अंचल अधिकारी, कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, जिला खनन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी कार्यपालक अभियंता विद्युत विभाग, लघु सिंचाई विभाग गढ़वा समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थें।










