Sunday, September 13, 2026
No Result
View All Result
Lokmanch Live
  • Home
  • National
  • Jharkhand
  • Bihar
  • MP/UP
  • Politics
  • Crime
  • Sports
  • Health
  • Lifestyle
  • Public Reporter
  • Home
  • National
  • Jharkhand
  • Bihar
  • MP/UP
  • Politics
  • Crime
  • Sports
  • Health
  • Lifestyle
  • Public Reporter
No Result
View All Result
Lokmanch Live
Home Jharkhand

झारखंड के मेगालिथ अब दुनिया की नजरों में! स्टोनहेंज से कम नहीं हमारे प्राचीन पत्थर – मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन दावोस और यूके में दिलाएंगे वैश्विक धरोहर का दर्जा

दावोस और यूनाइटेड किंगडम की यात्रा में झारखंड अपनी हजारों साल पुरानी मेगालिथ संस्कृति, सूर्य-खगोल संबंधित पत्थरों और प्रागैतिहासिक विरासत को वैश्विक मंच पर स्थापित करेगा – हजारीबाग के पकरी बरवाडीह मेगालिथ से लेकर इस्को के शैल चित्र तक, संरक्षण और सम्मान का नया अध्याय

January 13, 2026
in Jharkhand, Top News
झारखंड के मेगालिथ अब दुनिया की नजरों में! स्टोनहेंज से कम नहीं हमारे प्राचीन पत्थर – मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन दावोस और यूके में दिलाएंगे वैश्विक धरोहर का दर्जा
Share on FacebookShare on Twitter
  • झारखण्ड के मेगालीथ (वृहत पाषाणों )को जानेगी दुनिया
  • मुख्यमंत्री मेगालीथ के संरक्षण (वृहत् पाषाणों )के प्रति संवेदनशील, वैश्विक धरोहर के रूप में सम्मान दिलाने के लिए करेंगे प्रयास*
  • झारखण्ड की मेगालीथ संस्कृति को वैश्विक मंच पर स्थापित किए जाने का हो रहा प्रयास
    ================

रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आगामी दावोस और यूके की यात्रा सिर्फ़ झारखण्ड की औद्योगिक क्षमता से दुनिया को अवगत कराने एवं शिक्षा के उन्नयन के लिए नहीं, बल्कि यहां की कंदराओं और जंगलों में प्राचीन काल से अवस्थित पाषाणों को सम्मान देने के लिए भी कर रहें हैं। दुनिया इस बात से भी अवगत हो सके कि यह झारखण्ड राज्य का सिंहभूम क्षेत्र है जहां वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी की यह वह पहली जमीन थी जो समुद्र से ऊपर उठी थी। एक ओर यहां के पंक्तिबद्ध मेगालीथ सूर्य की गति और दिन-रात की समयावधि से संबंधित हैं वहीं दूसरी ओर गुफाओं में प्राचीन काल से अवस्थित भित्ति चित्र और जीवाश्मयुक्त वन प्रांतर एक अद्भुत एवं दुर्लभ भू-दृश्य की निरंतरता का भी निर्माण करते हैं।
झारखण्ड के पत्थर किसी भूले हुए संसार के अवशेष नहीं हैं, बल्कि आज भी जीवंत हैं, जो हजारों वर्षों से चली आ रही विरासत, खगोल विज्ञान और उससे जुड़ी मानवीय चेतना को दर्शाती है। इन सब को समाहित कर दावोस और यूनाइटेड किंगडम की अपनी आधिकारिक यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल झारखण्ड में मौजूद पृथ्वी के सबसे पुराने पाषाणों और उसकी सांस्कृतिक निरंतरता का सत्य भी बताएगा, ताकि अब तक उपेक्षित इन मेगालीथ को वैश्विक धरोहर के रूप में पहचान और सम्मान दिलाया जा सके।

  • विरासत को संरक्षित रखने को बढ़ावा देना है लक्ष्य

झारखण्ड के महापाषाणकालीन भू-दृश्य, जो दूरस्थ संग्रहों में नहीं बल्कि राज्य के सुदूर गांवों और जंगलों में संरक्षित हैं, इस बात का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हैं कि विरासत को समुदायों के भीतर समाहित रखते हुए कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है। यह भारत और यूनाइटेड किंगडम के सांस्कृतिक संरक्षण और सहयोग की कसौटी के साथ घनिष्ठ रूप से मेल भी खाता है, जो नैतिक संरक्षण, संग्रहालय साझेदारी, अनुसंधान के आदान-प्रदान और विरासत को यथास्थान संरक्षित रखने को बढ़ावा देता है।

  • यूके के स्टोनहेंज जैसे स्थलों से कमतर नहीं झारखण्ड

हजारीबाग के पकरी बरवाडीह में अवस्थित मेगालीथ सूर्य की गति और इक्वीनौक्स से संबंधित हैं, जिससे झारखण्ड के प्रागैतिहासिक काल को वैश्विक इतिहास में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त होता है। इन पत्थरों की संरचनाएं यूनाइटेड किंगडम के स्टोनहेंज जैसे प्रतिष्ठित स्थलों से तुलना की जा सकती है, जो महाद्वीपों और सदियों से चली आ रही मानव प्रवृत्ति को दर्शाती हैं, जिसके तहत समय, मृत्यु और ब्रह्मांडीय व्यवस्था को पत्थर में अंकित किया गया है। इस्को के शैल चित्रों के साथ सोहराय और कोहबर पेंटिंग की निरंतरता तथा मंडरो के फासिल्स दुर्लभ भू-दृश्य का निर्माण करते हैं जहाँ प्राचीन काल और जीवंत मानव संस्कृति एक ही भौगोलिक क्षेत्र में सह-अस्तित्व में वास करती है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दावोस और यूनाइटेड किंगडम में झारखण्ड अपनी आर्थिक और विकास के विजन को प्रस्तुत करके एक ऐसा परिदृश्य प्रदान कर रहा है जो वैश्विक चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि किसी भी देश और राज्य का दीर्घकालिक विकास सांस्कृतिक निरंतरता और बीते हुए समय के प्रति सम्मान पर आधारित होना चाहिए। अंत में यह भी कहा जा सकता कि पाषाण युग से लेकर इतिहास के पन्नों को स्वर्ण अक्षरों से लिखता हुआ झारखण्ड, आज के युग में देश की अर्थव्यवस्था और विकास में
महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

Related Posts

आरा में बाढ़ के पानी में डूबे 23 वर्षीय युवक का शव बरामद; मातम में बदली परिजनों की खुशियां
Bihar

आरा में बाढ़ के पानी में डूबे 23 वर्षीय युवक का शव बरामद; मातम में बदली परिजनों की खुशियां

September 12, 2026
लापरवाही पर गाज गिरनी तय! तेनुघाट जलापूर्ति समीक्षा में पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद का अल्टीमेटम; ’15 दिनों में काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई’
Jharkhand

लापरवाही पर गाज गिरनी तय! तेनुघाट जलापूर्ति समीक्षा में पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद का अल्टीमेटम; ’15 दिनों में काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई’

September 11, 2026
डिजिटल क्रांति की ओर सिमडेगा! राज्य में पहली बार अफसरों को मिला AI का प्रशिक्षण; DC कंचन सिंह बोलीं— ‘स्मार्ट तकनीक से बदलेगी सरकारी कार्यप्रणाली’
Jharkhand

डिजिटल क्रांति की ओर सिमडेगा! राज्य में पहली बार अफसरों को मिला AI का प्रशिक्षण; DC कंचन सिंह बोलीं— ‘स्मार्ट तकनीक से बदलेगी सरकारी कार्यप्रणाली’

September 11, 2026

POPULAR NEWS

  • jagannath Rath Yatra

    मजार के सामने क्यों रुकती है भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा? जानिए इसके पीछे की कहानी

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • सपने में खुद की शादी और बारात देखना शुभ या अशुभ, जानें क्या है इसका मतलब?

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • 91 अंचल अधिकारियों का बड़ा तबादला: Jharkhand

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • राष्ट्रपति के द्वारा लेफ्टिनेंट जनरल शशांक शेखर मिश्रा को मिला परम विशिष्ट सेवा मेडल, झारखंड से है गहरा नाता

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • धार्मिक स्थल पर भी कपल की अश्लीलता, कुंड में नहाने के दौरान किया… वायरल हो रहा वीडियो

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Lokmanch Live

Lokmanch Live provides exclusive top stories of the day, today headlines from politics, business, technology, education, sports and lifestyle.


Recent News

  • आरा में बाढ़ के पानी में डूबे 23 वर्षीय युवक का शव बरामद; मातम में बदली परिजनों की खुशियां
  • लापरवाही पर गाज गिरनी तय! तेनुघाट जलापूर्ति समीक्षा में पेयजल मंत्री योगेंद्र प्रसाद का अल्टीमेटम; ’15 दिनों में काम शुरू न करने वाले ठेकेदारों पर होगी सख्त कार्रवाई’
  • डिजिटल क्रांति की ओर सिमडेगा! राज्य में पहली बार अफसरों को मिला AI का प्रशिक्षण; DC कंचन सिंह बोलीं— ‘स्मार्ट तकनीक से बदलेगी सरकारी कार्यप्रणाली’

Category

  • Bihar
  • Crime
  • Delhi
  • Entertainment
  • Health
  • Jharkhand
  • Lifestyle
  • MP/UP
  • National
  • Politics
  • Public Reporter
  • Sports
  • Top News
  • Uncategorized

Available on

Connect with us

Member of Web Journalists' Association of India
© 2023 Lokmanch Live - All Rights Reserved.

  • About us
  • Advertise
  • Career
  • Privacy Policy
  • Contact
lokmanch Live Logo
  • Home
  • National
  • Jharkhand
  • Bihar
  • MP/UP
  • Politics
  • Crime
  • Sports
  • Health
  • Lifestyle
  • Public Reporter
No Result
View All Result

Member of Web Journalists' Association of India
© 2023 Lokmanch Live - All Rights Reserved.