राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र (Rashtrapati Bhavan Cultural Centre) में रक्षाबंधन का त्योहार अत्यंत हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने विभिन्न स्कूलों और सामाजिक संगठनों से आए छोटे-छोटे बच्चों तथा विद्यार्थियों के साथ मिलकर इस पावन पर्व की खुशियाँ साझा कीं। राष्ट्रपति भवन पहुँचे बच्चों ने राष्ट्रपति को राखी बाँधकर उनका आशीर्वाद लिया, जबकि राष्ट्रपति ने भी बच्चों से संवाद करते हुए उन्हें त्योहार की बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षाबंधन के पावन पर्व के गहरे आध्यात्मिक और सामाजिक अर्थ को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन का महत्व केवल भाई-बहन के पारस्परिक पवित्र संबंधों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसका दायरा कहीं अधिक व्यापक है। राखी का यह पवित्र धागा परिवार के सदस्यों, दोस्तों और यहाँ तक कि प्रकृति व वृक्षों को भी बाँधा जा सकता है, जो आपसी प्रेम, सुरक्षा और एक-दूसरे की देखभाल के अटूट बंधन को दर्शाता है।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राष्ट्रपति ने स्कूली बच्चों से प्रकृति की रक्षा करने का आह्वान किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने आसपास पौधों और वृक्षों का रोपण करें तथा उनका जिम्मेदारी से पालन-पोषण करें। राष्ट्रपति की इस अपील ने बच्चों के मन में रक्षाबंधन के त्योहार के साथ-साथ प्रकृति एवं पर्यावरण को सुरक्षित रखने का एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।










